उत्तराखंड सरकार 23 जून को मनाए जाने वाले विश्व ओलंपिक दिवस को इस बार विशेष और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुट गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस अवसर को खेल जागरूकता, प्रतिभा खोज और खेल संस्कृति के विस्तार से जोड़ना है। इसके लिए खेल विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि नेशनल गेम्स की तर्ज पर राज्य और जिला स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए।
खेल मंत्री रेखा आर्य ने की तैयारियों की समीक्षा
मंगलवार को खेल मंत्री रेखा आर्य ने खेल विभाग के अधिकारियों और ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व ओलंपिक दिवस को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जनभागीदारी से जुड़े एक व्यापक अभियान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को खेलों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाए, ताकि खेलों के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाई जा सके।
दो दिन में मांगा गया विस्तृत प्रस्ताव
खेल मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाने वाली खेल प्रतियोगिताओं का विस्तृत प्रस्ताव दो दिनों के भीतर तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। प्रस्ताव में प्रतियोगिताओं के स्वरूप, पंजीकरण प्रक्रिया, आयोजन स्थलों और कार्यक्रमों की समय-सारिणी का पूरा विवरण शामिल होगा।
न्याय पंचायत स्तर तक होंगे आयोजन
रेखा आर्य ने बताया कि इस बार ओलंपिक दिवस के कार्यक्रमों को गांवों और न्याय पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा, बल्कि नई प्रतिभाओं की पहचान और उनके विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित कार्यक्रमों के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में एथलेटिक्स, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसी लोकप्रिय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेले जाने वाले पारंपरिक खेलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि स्थानीय खेल संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन हो सके।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की होगी भागीदारी
सरकार की योजना के अनुसार, ओलंपिक दिवस के समापन समारोह में उत्तराखंड के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आमंत्रित किया जाएगा। इससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और खेलों में करियर बनाने के प्रति उनका उत्साह बढ़ेगा।
खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में पहल
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा केवल एक दिन का आयोजन करने की नहीं है, बल्कि ओलंपिक दिवस को खेल जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली के जन-अभियान के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत कार्यशालाएं, रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें खेलों के लाभ और खेलों में करियर की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा। उत्तराखंड सरकार की यह पहल राज्य में खेल संस्कृति को नई दिशा देने और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।