लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Yogi Adityanath ने महिला आरक्षण को लेकर विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष की सोच संकीर्ण है और किसी का अधिकार छीना नहीं जा रहा है। सीएम योगी ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि Narendra Modi ने 2014 में सत्ता संभालते ही देश की प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने समाज के चार प्रमुख वर्ग—महिला, गरीब, युवा और किसान—को विकास का केंद्र बताया था।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जातिवाद की राजनीति के जरिए देश को कमजोर करने का प्रयास करते रहे हैं और अपने परिवारों तक ही सीमित रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, तब कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने उसका विरोध किया।
उन्होंने संसद के विशेष सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि 16, 17 और 18 तारीख को बुलाए गए सत्र में विपक्ष की नकारात्मक सोच के कारण महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो सका। परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाया गया, जबकि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी। इसके बावजूद विपक्ष ने सहयोग नहीं किया।
सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी दलों के पास अपने पुराने गलतियों को सुधारने का अवसर था, लेकिन उन्होंने उसे भी गंवा दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए स्टेट गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख किया और कहा कि यह मौका उनके लिए अपनी छवि सुधारने का था, लेकिन वे इसमें भी असफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष की सोच केवल परिवारवाद तक सीमित है, जहां सब कुछ अपने लोगों को देने की प्रवृत्ति है, जबकि आम युवाओं और बेरोजगारों को उनका अधिकार नहीं मिल पाता।
अंत में, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं और उत्तर प्रदेश की जनता भी उनके साथ खड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष का रुख अक्षम्य है और देश की आधी आबादी उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेगी।