कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बुधवार को बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ी है।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है और दुख के साथ आयोग के पास पहुंची है। उनके मुताबिक, इस तरह की भाषा न सिर्फ प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि पूरे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह के बयान लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करते हैं और इस पर सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।
रिजिजू ने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियों पर रोक जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी नेता ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने से बचे। उन्होंने कांग्रेस से देशभर में माफी मांगने की मांग भी की और कहा कि जनता इस मुद्दे पर अपना जवाब देगी।
विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे का बयान सामने आया। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका कहना था कि उनका आशय किसी व्यक्ति को आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि वे यह कहना चाह रहे थे कि मौजूदा सरकार की नीतियों से लोगों में डर का माहौल बन रहा है।