नई दिल्ली|दिल्ली और पंजाब की सियासत में आज बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिला. आम आदमी पार्टी (AAP) को उस वक्त तगड़ा झटका लगा, जब पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल राघव चड्ढा ने पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया.
तीनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘आप’ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है. राघव चड्ढा ने कहा कि वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का करियर छोड़कर भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति के मकसद से जुड़े थे, लेकिन अब पार्टी “भ्रष्टाचार और समझौतावादी राजनीति के दलदल” में फंस चुकी है.
चड्ढा ने दावा किया कि उनके अलावा भी कई बड़े नाम पार्टी छोड़ चुके हैं या छोड़ने की तैयारी में हैं. इनमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत साहनी और राजेंद्र गुप्ता का नाम शामिल बताया गया है. बीजेपी में शामिल होने के बाद चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लिए गए बड़े फैसलों ने देश को नई दिशा दी है और जनता ने लगातार तीन बार भरोसा जताकर इसे सही साबित किया है. उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताते हुए बीजेपी में शामिल होने को सही फैसला बताया.
इस घटनाक्रम से राज्यसभा में ‘आप’ की स्थिति कमजोर पड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं. पार्टी के रणनीतिक नेताओं के इस तरह एक साथ अलग होने से राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है और आने वाले समय में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं.