नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में इस समय भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान के कई इलाकों में लू का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 अप्रैल को सबसे अधिक तापमान प्रयागराज में दर्ज किया गया, जहां पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। देश के अधिकांश मैदानी इलाकों में तापमान 40 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में ही थोड़ी राहत देखने को मिल रही है।
दिलचस्प बात यह है कि कई पहाड़ी राज्यों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 5 डिग्री से ज्यादा बढ़ा हुआ है। वहीं उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, बिहार, ओडिशा, गुजरात और विदर्भ में भी पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है।
IMD ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 25 से 26 अप्रैल के बीच छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कई हिस्सों में लू चलने की संभावना है। इसके अलावा बिहार, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल, ओडिशा और तमिलनाडु में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
मौसम विभाग ने यह भी चेताया है कि हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गर्म रातें (वॉर्म नाइट्स) भी दर्ज की जा सकती हैं, जिससे रात के समय भी राहत मिलना मुश्किल होगा।
क्या है लू की स्थिति?
IMD के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक हो और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए, तो उसे लू माना जाता है। वहीं, यदि यह अंतर 6.4 डिग्री से अधिक हो जाए या तापमान 45 डिग्री पार कर जाए, तो इसे गंभीर लू की स्थिति माना जाता है।
गर्मी से बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और लगातार पानी पीते रहें। साथ ही नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ORS जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडा रखने में मददगार होते हैं।