चंडीगढ़/जालंधर:पंजाब की राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा हटा दी है। रविवार सुबह जालंधर स्थित उनके आवास से सुरक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया गया, जिसके बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब आम आदमी पार्टी के भीतर टूट और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले शनिवार को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
लुधियाना और जालंधर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इन नेताओं के घरों की दीवारों पर ‘गद्दार’ लिख दिया। बताया जा रहा है कि ये सभी नेता हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। इसी बीच राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के बाद बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और विचारधारा से भटक चुकी है। उनके अनुसार, सात राज्यसभा सांसद एक साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं।
उन्होंने संवैधानिक प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी दल के दो-तिहाई सांसद यदि चाहें तो दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उनके मुताबिक, सभी आवश्यक दस्तावेजों और हस्ताक्षरित पत्रों को राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उपनेता पद से हटाया गया था, जिसके बाद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने भी पार्टी छोड़ दी। फिलहाल, इन घटनाओं के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका असर और व्यापक रूप से देखने को मिल सकता है।