भगवंत मान ने SIR को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पंजाब में किसी भी पार्टी के वोट काटने या बढ़ाने की राजनीति नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों में SIR प्रक्रिया को लेकर आशंकाएं सामने आई हैं, लेकिन पंजाब सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रतिनिधि भी इस प्रक्रिया पर नजर रखेंगे ताकि किसी खास दल को फायदा पहुंचाने की कोशिश न हो सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब आम लोगों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सलाह दी जा रही है तो प्रधानमंत्री खुद घर से काम क्यों नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर सोने की खरीद पर पाबंदियां लगाने और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे, लेकिन चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ा दी गईं।
वहीं शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत पंजाब के 72 शिक्षकों का दल फिनलैंड के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इससे पहले भी कई शिक्षकों को विदेश में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था और उसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब बोर्ड के 12वीं के नतीजों में सुधार हुआ है और सरकारी स्कूलों में शुरू की गई पैरेंट-टीचर मीटिंग का भी अच्छा असर देखने को मिल रहा है। हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पंजाब के सरकारी स्कूलों को आधुनिक और बेहतर बनाना है। विदेश से ट्रेनिंग लेकर लौटने वाले शिक्षक नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को स्कूलों में लागू करेंगे, जिससे छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा। फिनलैंड रवाना हुए शिक्षकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे नई सीख और अनुभव के साथ लौटकर पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।