समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर जांच और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मध्य प्रदेश के रीवा निवासी नागेश्वर सिंह बघेल को गिरफ्तार किया गया। हालांकि बाद में अदालत में पेशी के बाद आरोपी को जमानत मिल गई।
यह मामला 11 जून को दर्ज कराया गया था। सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत देते हुए आरोप लगाया था कि 9 जून को सोशल मीडिया पर एक फर्जी और भ्रामक पोस्ट वायरल की गई थी। शिकायत के मुताबिक, पोस्ट में अदिति यादव की छवि खराब करने की कोशिश की गई और उनकी तस्वीर को एडिट कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया।
एफआईआर में कहा गया कि पोस्ट में लगाए गए आरोप पूरी तरह आधारहीन थे और इसका उद्देश्य समाजवादी पार्टी प्रमुख के परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
इसके बाद क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस टीम नागेश्वर सिंह बघेल तक पहुंची और उसे रीवा से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस अब मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी भारत कुमार पटेल का सोशल मीडिया अकाउंट विदेश से ऑपरेट किया जा रहा था। शुरुआती तकनीकी जांच में इसकी लोकेशन अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में मिली है। वहीं तीसरे आरोपी विनोद कुमार यादव के उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला होने की जानकारी सामने आई है।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि बेटियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।