जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे इलाकों में सोमवार सुबह उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब देर रात एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा के पास मंडराता दिखाई दिया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं और पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, सुंदरबनी सेक्टर के मीनका और बेरीपट्टन गांवों के ऊपर रात के समय टिमटिमाती रोशनी वाला ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि संदिग्ध ड्रोन कुछ देर तक भारतीय सीमा के भीतर उड़ता रहा और फिर वापस नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान की ओर लौट गया।
घटना की सूचना मिलते ही सेना और अन्य सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। सोमवार तड़के ही जवानों ने गांवों, खेतों और आसपास के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद या नशीले पदार्थ गिराए गए हो सकते हैं।
हालांकि, कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सीमा से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से सीमा क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए हैं और ड्रोन की गतिविधियों से जुड़े तकनीकी इनपुट भी जुटाए जा रहे हैं।