डॉ राकेश वर्मा
जिनेवा/एवियन-ले-बैंस (फ्रांस), 15 जून 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रविवार रात देर से अमेरिका से रवाना होकर सोमवार को जिनेवा पहुंच चुके हैं। वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मेजबानी में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां पहुंचे हैं। यह शिखर सम्मेलन 15 से 17 जून 2026 तक फ्रांस के एवियन-ले-बैंस (लेक जिनेवा के किनारे) में हो रहा है। ट्रंप की यह यात्रा US-ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के ठीक एक दिन बाद हुई है। इस समझौते को दोनों देशों के बीच 107 दिनों के संघर्ष को समाप्त करने वाला ‘शांति ढांचा’ बताया जा रहा है। समझौते के तहत युद्धविराम लागू होने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और आगे की वार्ता की रूपरेखा तैयार की गई है। बाजारों में तेल की कीमतों में गिरावट और शेयर बाजारों में तेजी देखी गई है, हालांकि कुछ देशों में संदेह भी बना हुआ है।
G7 शिखर सम्मेलन के मुख्य एजेंडे
G7 नेताओं के बीच ईरान, यूक्रेन और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर US-ईरान समझौते के बाद क्षेत्रीय स्थिरता और इजराइल की स्थिति रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान वैश्विक व्यापार, आर्थिक सुरक्षा, AI और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे फ्रांस की मेजबानी में यह शिखर सम्मेलन 2003 के बाद एवियन में दूसरी बार हो रहा है। इसमें G7 देशों (अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन) के अलावा यूरोपीय संघ और आमंत्रित देशों जैसे भारत (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी), यूक्रेन (वोलोदिमीर जेलेंस्की), कतर, संयुक्त अरब अमीरात आदि के नेता शामिल हो सकते हैं। ट्रंप की अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों की भी योजना है।
सुरक्षा और विरोध प्रदर्शन
शिखर सम्मेलन के मद्देनजर जिनेवा और एवियन में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिनेवा में हजारों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें कुछ हिंसक झड़पें भी हुईं। स्विस और फ्रांसीसी सुरक्षा बलों ने ‘रेड जोन’ और ‘ब्लू जोन’ बनाकर इलाके को कड़ी निगरानी में रखा है।
ट्रंप की यह यात्रा उनके जन्मदिन और अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के आसपास हुई है। उन्होंने पहले एक UFC कार्यक्रम में भी भाग लिया था।
महत्वपूर्ण संदर्भ
यह G7 शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका और उसके पारंपरिक सहयोगियों के बीच ईरान नीति, NATO और व्यापार जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। फ्रांस की कोशिश है कि शिखर सम्मेलन में एकता का संदेश जाए, जबकि ट्रंप की उपस्थिति से चर्चा और जीवंत होने की उम्मीद है। US-ईरान समझौते के बाद अब G7 नेताओं की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह समझौता कितना टिकाऊ साबित होता है और यूक्रेन जैसे अन्य संकटों पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। शिखर सम्मेलन के तीन दिनों में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और संयुक्त बयान आने की संभावना है। पूरी दुनिया की निगाहें अब एवियन और जिनेवा पर टिकी हैं।