नई दिल्ली। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि पड़ोसी देश आतंकियों को समर्थन देना और भारत विरोधी गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बनकर रहना चाहता है या इतिहास का। सेना संवाद कार्यक्रम के दौरान सिविल-मिलिट्री इंटरैक्शन में बोलते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ किया कि सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब लड़ाई केवल जमीन, समुद्र और आसमान तक सीमित नहीं रही, बल्कि साइबर, स्पेस और कॉग्निटिव डोमेन भी युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने वर्ष 2026-27 को ‘ईयर ऑफ नेटवर्किंग एंड डेटा सेंट्रिसिटी’ के रूप में घोषित किया है। इसके तहत सेना नई तकनीक, डेटा आधारित ऑपरेशन और आधुनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेना प्रमुख ने युवा पीढ़ी की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जटिल चुनौतियों के समाधान के लिए सेना युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञता की मदद लेना चाहती है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में आयोजित सिविल डिफेंस अभ्यास में एनसीसी कैडेट्स ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह कार्यक्रम हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के बाद आयोजित किया गया। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया था।
करीब 88 घंटे तक चले इस तनावपूर्ण दौर के बाद 10 मई को दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर हालात सामान्य हुए। भारतीय सेना ने उस दौरान सीमा पर किसी भी चुनौती का जवाब देने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था।