जयपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत राजस्थान सरकार ने सोमवार से अनूठी पहल शुरू की गई है। ऐसे परिवार जिनके सभी सदस्य 18 वर्ष से कम या 60 वर्ष से अधिक आयु के हो अथवा निःशक्त हैं, जो राशन लेकर आने में असमर्थ हैं, उन्हें अब घर बैठे राशन मिलेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि उचित मूल्य दुकानदार या उसकी ओर से नामित व्यक्ति चयनित परिवार को घर बैठे राशन उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए संबंधित व्यक्ति वितरण के दौरान पोस मशीन, वेट मशीन तथा अन्य आवश्यक सामान साथ लेकर जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के कुल 8 लाख 56 हजार 422 राशन कार्ड धारक हैं। ऐसे राशन कार्ड धारक जिनमें कम से कम एक व्यक्ति दिव्यांग है और अन्य सदस्यों की आयु 60 वर्ष से अधिक व 18 वर्ष से कम है उनकी संख्या 9 हजार 756 है।इस तरह कुल 8 लाख 66 हजार 178 परिवार ऐसे हैं, जिनको घर बैठे राशन उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि दुकानदार को एक से दो राशनकार्ड पर 80 रुपए, तीन से पांच राशन कार्ड पर 200 रुपए, छह से दस पर 300 रुपए और दस से अधिक राशन कार्ड पर 320 रुपए कमीशन दिया जाएगा।उन्होंने जिला रसद अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वृद्ध व दिव्यांग परिवारों की सूची दुकानदार को दें। इसके अलावा होम डिलीवरी के माध्यम से वितरण के सत्यापन के बाद कमीशन राशि दुकानदार को उपलब्ध करवाने की आवश्यक व्यवस्था कराई जाए। जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग की इस अनूठी पहल पर 26 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इसमें 20 करोड़ रुपए उचित मूल्य दुकानदारों का कमीशन भी शामिल है।