नई दिल्ली। नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जारी विवाद और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंप दी है। शनिवार को उन्होंने औपचारिक रूप से मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण किया और कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा, विनम्रता और कर्तव्य भावना के साथ निभाएंगे।
पदभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ शिक्षा मंत्रालय के कार्यों का संचालन करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त वह अपने मौजूदा विभाग—उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयकी जिम्मेदारियां भी पहले की तरह संभालते रहेंगे।
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार जारी है और परीक्षा प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने लिखा कि मौजूदा परिस्थितियों का फायदा किसी भी राष्ट्रविरोधी तत्व को नहीं मिलने देना चाहिए और देश की एकता व छात्रों के भविष्य की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अपने पत्र में उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों के बीच यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि छात्रों का भविष्य किसी भी कानूनी या राजनीतिक विवाद की भेंट न चढ़े। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।