नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अहम बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में एनडीए के सभी प्रमुख सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह नेताओं को पश्चिम बंगाल की प्रसिद्ध डिश ‘झालमुरी’ परोसते नजर आए। पीएम मोदी ने खुद भी झालमुरी का स्वाद लिया।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को एक बड़ी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। हाल ही में उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पीएम मोदी लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले देश के पहले निर्वाचित नेता बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड पंडित नेहरू के नाम था, जिन्होंने लगातार 4,398 दिनों तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। इस अवसर पर एनडीए के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया और उन्हें विभिन्न उपहार भी भेंट किए।
झालमुरी बनी चर्चा का केंद्र
एनडीए बैठक में झालमुरी परोसने की घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। इसकी वजह यह भी है कि प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल के अपने दौरों के दौरान कई बार झालमुरी का स्वाद ले चुके हैं। बंगाल की यह लोकप्रिय स्ट्रीट फूड डिश अब राजनीतिक प्रतीकवाद से भी जोड़कर देखी जा रही है।
क्या है झालमुरी?
झालमुरी पश्चिम बंगाल, खासकर कोलकाता की बेहद लोकप्रिय स्ट्रीट फूड डिश है। बंगाली भाषा में ‘झाल’ का अर्थ तीखा और ‘मुरी’ का अर्थ मुरमुरा होता है। यह एक मसालेदार और चटपटा नाश्ता है, जिसे मुरमुरा, सरसों का तेल, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, उबला आलू, मूंगफली, भुना चना, सेव या भुजिया, धनिया पत्ता, नींबू का रस और विभिन्न मसालों को मिलाकर तैयार किया जाता है। हालांकि देश के कई हिस्सों में झालमुरी मिलती है, लेकिन कोलकाता की झालमुरी को इसकी असली पहचान माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसे सार्वजनिक रूप से पसंद किए जाने के बाद यह व्यंजन कई बार राजनीतिक चर्चाओं का भी हिस्सा बन चुका है।