तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है और इस मुद्दे पर शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई मुलाकात के दौरान अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के सामने कुछ अहम प्रस्ताव रखे। सूत्रों का दावा है कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजने और उन्हें सदन में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी देने की मांग की गई है। हालांकि कांग्रेस की ओर से इन मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोनिया-ममता की मुलाकातों ने बढ़ाई चर्चा
राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर हलचल उस वक्त और बढ़ गई, जब बीते दो दिनों में ममता बनर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से लगातार दो बार मुलाकात की। दोनों नेताओं की मुलाकात दिल्ली स्थित 10 जनपथ में हुई थी।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भी देखने को मिली। इसके बाद राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की भी लंबी बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें भविष्य की राजनीतिक रणनीति और विपक्षी एकजुटता को लेकर चर्चा हुई।
सूत्रों के हवाले से बड़ा दावा
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ममता बनर्जी को पार्टी में अहम भूमिका देने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही अभिषेक बनर्जी को भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने पर चर्चा हुई है।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने इस पूरे प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेने के लिए कुछ समय मांगा है। फिलहाल दोनों दलों की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी तरह की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों ने सियासी अटकलों को और तेज कर दिया है।
बंगाल की राजनीति पर पड़ सकता है असर
यदि दोनों दलों के बीच किसी तरह का राजनीतिक समझौता या विलय होता है, तो इसका असर पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।