दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का खतरा मंडरा रहा है. मौसम के बिगड़ते मिजाज का असर हवाई सेवाओं पर भी दिखने लगा है. सोमवार, 2 नवंबर को विजयवाड़ा के गन्नवरम एयरपोर्ट से इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द कर दी गईं. वहीं, विशाखापत्तनम में खराब मौसम के चलते फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुए हैं. एयरलाइन ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर उन्हें संभावित देरी को लेकर सतर्क किया है.
विजयवाड़ा से इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द
एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुताबिक, चक्रवात के संभावित असर और खराब मौसम को देखते हुए गन्नवरम एयरपोर्ट से संचालित होने वाली इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द की गई हैं. इसके चलते विजयवाड़ा से आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें. मौसम की स्थिति को देखते हुए उड़ानों के संचालन में बदलाव की आशंका बनी हुई है.
विशाखापत्तनम में भी उड़ानों पर असर
इंडिगो ने विशाखापत्तनम में खराब मौसम के कारण उड़ान संचालन प्रभावित होने की जानकारी दी है. एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को एयरपोर्ट और विमान के भीतर लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है. कंपनी ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए उन्हें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फ्लाइट से जुड़ी ताजा जानकारी देखने की सलाह दी है.
100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने की संभावना है. इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, ओंगोल के आसपास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तूफान के लैंडफॉल की आशंका जताई गई है. इसके मद्देनजर तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
राहत और बचाव के लिए NDRF की टीमें रवाना
चक्रवात से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने भी तैयारी तेज कर दी है. NDRF की चौथी बटालियन की तीन टीमों को तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश भेजा गया है. ये टीमें संभावित प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान में मदद करेंगी. प्रशासन की ओर से तटीय क्षेत्रों में हालात पर नजर रखी जा रही है. लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.