नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए। उनका विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा, जहां उनके स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने एयरपोर्ट पर चीनी राष्ट्रपति की अगवानी की। शी जिनपिंग BRICS सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। दोनों नेताओं की इस मुलाकात में भारत-चीन संबंधों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
गलवान के बाद पहली बार भारत आए शी जिनपिंग
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर पहुंचे हैं। अक्टूबर 2019 में उनकी पिछली भारत यात्रा के बाद यह उनका पहला दौरा है। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बीच जिनपिंग की दिल्ली यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, गलवान के बाद प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की विदेशों में तीन बार मुलाकात हो चुकी है, लेकिन भारत में दोनों नेताओं की आमने-सामने बैठक पर खास नजरें टिकी हैं।
मोदी-शी बैठक पर दुनिया की नजर
BRICS सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी चीनी राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि बैठक में सीमा पर शांति, द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार और सहयोग समेत कई मुद्दे उठ सकते हैं। भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि दोनों देशों के रिश्तों में स्थायी प्रगति के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जरूरी है।
भारत से रिश्ते मजबूत करने का चीन का संदेश
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ रणनीतिक संवाद और सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने और दोनों देशों के बीच अच्छे पड़ोसी जैसे संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करना चाहता है।
BRICS क्यों है अहम?
BRICS दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देश इस मंच के जरिए साझा रुख रखने की कोशिश करते हैं।
6 साल बाद फिर शुरू होगी चीन-दिल्ली उड़ान
शी जिनपिंग की भारत यात्रा के बीच दोनों देशों के हवाई संपर्क को लेकर भी अहम खबर सामने आई है। चाइना सदर्न एयरलाइंस ने ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच उड़ान सेवा फिर शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल होने जा रही है।