रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने का सुझाव दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की कई मांगों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सकता है।
‘छात्रों का विरोध अब तक शांतिपूर्ण’
14 अगस्त को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब तक शांतिपूर्ण रहा है और उनकी कई मांगें जायज हैं।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत के लिए समिति बनाई गई है और इस प्रक्रिया के जरिए कई मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। हालांकि, आंदोलन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और कुछ छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी हैं।
‘मुख्यमंत्री खुद छात्रों से करें मुलाकात’
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वह खुद प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करें। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत बातचीत से छात्रों की बची हुई चिंताओं को दूर करने और समाधान निकालने के प्रति सरकार की गंभीरता का संदेश जाएगा।
RSS-BJP पर भी राहुल ने साधा निशाना
अपने पत्र में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर इन संगठनों का प्रभाव बढ़ा है और छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
‘युवा देश का भविष्य हैं’
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के युवा देश का भविष्य हैं और ऐसे समय में उनके साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से छात्रों की बात सुनने और विवाद का समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की।
अब देखना होगा कि राहुल गांधी के पत्र के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे बातचीत करती है या नहीं।