रामपुर। पूर्व मंत्री व वरिष्ठ सपा नेता आजम खां को नफरती भाषण मामले में उप्र की रामपुर कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आजम खां को दो साल की कैद और ढाई हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा के प्रश्न पर आजम खां के अधिवक्ता और अभियोजन का पक्ष सुना गया। वर्तमान में आजम खां न्यायिक अभिरक्षा में है।
क्या है मामला
आजम खां पर आरोप है कि 18 अप्रैल 2019 को रामपुर के धमारा गांव में जनसभा के दौरान उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। उसके बाद एडीओ सहकारिता अनिल चौहान ने शहजादनगर में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आज़म खान पर लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप था। तभी ये मुकदमा दर्ज हुआ था। तब आज़म खान सपा-बसपा के गठबंधन से लोकसभा प्रत्याशी थे। उनके ऊपर 171 G और धारा 505 (1)B व लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 में के तहत मुकदमा चला।
पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की और सुनवाई के बाद शनिवार को आजम खां को दोषी करार दिया है। आजम खां इस समय न्यायिक अभिरक्षा में है और कोर्ट ने सजा के प्रश्न पर दोनों पक्षों को सुन लिया है और अब कुछ ही देर के बाद आजम खां को कोर्ट सजा सुनाएगा।