बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल में गुरुवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीजों को गंभीर हालत में दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जानकारी के अनुसार, आग गुरुवार सुबह करीब 3 बजे अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में लगी। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है। आग लगने के बाद पूरे आईसीयू में धुआं भर गया, जिससे कई मरीजों की हालत गंभीर हो गई। दम घुटने के कारण चार लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर आसपास के अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन आग लगने के कारणों, अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। इस घटना के बाद निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।