पटना : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज गोला रोड (रंजन पथ) स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति से जुड़े लोगों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी स्व० आचार्य किशोर कुणाल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की नींव बिहार की धरती से पड़ी है। वर्ष 1947 में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संघर्ष से देश आजाद हुआ। आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हमें लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ निरंतर काम कर रहे हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी ने बिहार को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। युवा पीढ़ी देश के भविष्य हैं। लोकतंत्र को मजबूत बनाने, देश की सभ्यता एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने तथा भारत को सशक्त राष्ट्र बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1974 के आंदोलन में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई थी। आज का दौर जेन-जी और जेन अल्फा का है। युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करना होगा। पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद जैसे आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक होती है और लोकतंत्र लोकलाज से चलता है। जनता की आवाज और उनकी अपेक्षाओं को समझना सरकार की जिम्मेदारी है। जनता ने हमें काम करने का अवसर दिया है, इसका अर्थ यह नहीं कि हम स्वयं को भाग्य विधाता समझने लगें। जनहित में लिए गए निर्णयों और बनाए गए कानूनों की भी समय-समय पर समीक्षा करनी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस भी लेना पड़ता है। सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है और जनता के हित में ही काम करती है। सफल वही होते हैं, जो जनता और विशेषकर युवा पीढ़ी की उम्मीदों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाते हैं और निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी भी लगातार पांच बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इन नेताओं ने जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। जनता के लिए समर्पित भाव से काम करने वाले लोगों को जनता का विश्वास और समर्थन मिलता है। राजतंत्र की सोच रखने वाले लोग जनता की अपेक्षाओं को नहीं समझ पाते, जबकि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्षों के कार्यकाल में साढ़े पांच करोड़ लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं तथा 80 करोड़ लोगों को अनाज दिया जा रहा है। पेयजल, बिजली सहित बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बिहार में अमीर से लेकर गरीब तक सभी को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। राज्य सरकार प्रतिवर्ष प्रति परिवार 8 से 10 हजार रुपये तक बिजली सब्सिडी के रूप में खर्च कर रही है। बिजली सब्सिडी पर बिहार सरकार लगभग 23 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। मुख्यमंत्री ने सक्षम, संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़कर बिहार के विकास में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चार लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 18000 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। बिहार में विश्वविद्यालय खोलने के लिए भी लोगों को आमंत्रित किया गया है। राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में 700 मॉडल स्कूल सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 3.5 लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी विषय में शिक्षक की आवश्यकता होने पर रात एक बजे भी एक मिनट के अंदर शिक्षक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है और उनकी शैक्षणिक समस्याओं का समाधान किया जाता है। शिक्षा और ज्ञान अर्जन के माध्यम से ही हम आगे बढ़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने शिक्षा के विकास और सुधार को लेकर स्वयं फेसबुक लाइव के माध्यम से युवाओं के सामने अपनी बातें रखी थीं, जिसमें 33 करोड़ युवा जुड़े थे। लोकतंत्र जनता की आवाज है। जनता और युवा क्या चाहते हैं, इसे समझकर उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप कानून एवं नीतियां बनाना और विकास कार्य करना ही लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ है।
मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक श्री सायन कुणाल एवं सांसद श्रीमती शांभवी चौधरी को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा सके।
कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी, सांसद श्रीमती शांभवी चौधरी एवं पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक श्री सायन कुणाल ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अशोक चौधरी, सांसद श्रीमती शांभवी चौधरी, विधायक श्री विशाल प्रशांत, सी०बी०एस०ई० पटना के क्षेत्रीय पदाधिकारी श्री जंगम सुनील कुमार, पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक श्री सायन कुणाल, ज्ञान निकेतन स्कूल के प्राचार्य श्री शैलेन्द्र मोहन झा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं युवा उपस्थित थे।










