अयोध्या| अयोध्या स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी की उज्जैनिया पट्टी के वरिष्ठ महंत संतराम दास का शनिवार को निधन हो गया। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते थे। उनके निधन की पुष्टि उनके शिष्य और हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजू दास ने की।
महंत संतराम दास के निधन की खबर से अयोध्या के संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक की लहर फैल गई है। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित थे और पिछले करीब आठ महीनों से उनका इलाज चल रहा था। हाल ही में उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भी हुआ था और वे तीन दिन पहले ही अयोध्या लौटे थे।
सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी
महंत राजू दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उनके पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 महंत संतराम दास जी महाराज का गोलोकवास हो गया है। उन्होंने बताया कि शाम 3 बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जबकि दाह संस्कार शाम 4 बजे सरयू तट स्थित नया घाट (कच्चा घाट) पर किया जाएगा।
सीएम योगी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत संतराम दास के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
संत समाज में शोक की लहर
आचार्य संतोष अवस्थी ने भी एक्स पर पोस्ट कर इसे अवध की संत परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति बताया और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। गौरतलब है कि हनुमानगढ़ी अयोध्या का एक प्रमुख और प्राचीन मंदिर है, जो भगवान हनुमान को समर्पित है। माना जाता है कि यह मंदिर 10वीं शताब्दी का है और अयोध्या के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं और यह उत्तर भारत में हनुमान जी के प्रमुख मंदिर परिसरों में गिना जाता है।