राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और आधुनिक बनाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि आने वाले दो वर्षों में सरकार करीब 3000 करोड़ रुपये हाई-एंड तकनीकों पर खर्च करेगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5जी/6जी संचार, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन तथा क्वांटम कंप्यूटिंग शामिल हैं।
मुख्यमंत्री यह बात वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताएं तय करने को लेकर आयोजित बैठक के दौरान कही। पहले दिन के दूसरे सत्र में सोलन, चंबा, बिलासपुर, लाहुल-स्पीति और किन्नौर जिलों के विधायकों के साथ विकास कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत
सीएम सुक्खू ने जानकारी दी कि रोबोटिक सर्जरी की सुविधा प्रथम चरण में शिमला स्थित चमियाणा अस्पताल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा में शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे गंभीर रोगों के इलाज में मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
आईजीएमसी और टांडा में पैट स्कैन मशीन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी), शिमला में दो माह के भीतर पैट स्कैन मशीन स्थापित की जाएगी, जबकि टांडा मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा छह माह के अंदर उपलब्ध करवा दी जाएगी। इससे कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज में तेजी आएगी।
तीन टैस्ला एमआरआई मशीनें होंगी स्थापित
स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, आगामी तीन महीनों के भीतर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में 3 टैस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाएं मरीजों को मिल सकेंगी।
आरआईडीएफ के तहत 758.81 करोड़ का बजट
सीएम सुक्खू ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने आरआईडीएफ (Rural Infrastructure Development Fund) के तहत 758.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य सहित अन्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में किया जाएगा।