नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाया है। एनआईए ने पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के मोस्ट वांटेड सरगना हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह पूरा मामला 22 अप्रैल 2025 को हुए उस कायराना पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और जिसमें 25 पर्यटकों समेत 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी।
भारत के खिलाफ जंग छेड़ने की साजिश, UAPA के तहत शिकंजा
एनआईए के मुताबिक, हाफिज सईद पर व्यक्तिगत रूप से और साथ ही प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के आका के तौर पर आरोप तय किए गए हैं। जांच एजेंसी ने पाकिस्तान में छिपे बैठे इस मास्टरमाइंड पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की बेहद सख्त और गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं। हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ सीधे तौर पर युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचकर बेगुनाहों का खून बहाने के संगीन आरोप हैं।
1,597 पन्नों की चार्जशीट में ‘पाकिस्तानी साजिश’ बेनकाब
एनआईए की यह सप्लीमेंट्री चार्जशीट असल में पहले दाखिल की गई 1,597 पन्नों की मुख्य चार्जशीट की ही एक बेहद मजबूत कड़ी है। इस दस्तावेज में एनआईए ने पाकिस्तान की इस खूनी साजिश की एक-एक परत को उधेड़ कर रख दिया है। एजेंसी ने हाफिज सईद की सीधी भूमिका को साबित करने के लिए वैज्ञानिक जांच (Scientific Investigation) और फील्ड इंक्वायरी से जुटाए गए पुख्ता और अकाट्य सबूतों का पूरा ब्योरा कोर्ट के सामने पेश किया है।
साजिद जट्ट पर पहले ही एक्शन:
पिछले साल दिसंबर में एनआईए ने पाकिस्तान में बैठे एक और बड़े हैंडलर साजिद जट्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में उन तीन खूंखार आतंकियों को भी नामजद किया गया था, जिन्हें जुलाई 2025 में सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसके अलावा, दो गिरफ्तार मददगारों पर भी शिकंजा कसा जा चुका है।
एनआईए ने कानूनी संस्थाओं (Legal Entities) के रूप में पहले ही लश्कर और टीआरएफ (TRF) को आरोपी बनाया था। इन संगठनों पर पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाने की पूरी साजिश रचने, फंड मुहैया कराने और उसे जमीन पर अंजाम देने का आरोप है।
जब दहल उठा था पहलगाम...
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को घाटी के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस खूनी खेल में 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस नरसंहार के बाद से ही देश की सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकियों के आकाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही हैं, और अब हाफिज सईद पर कसता कानूनी शिकंजा इसी का नतीजा है।