मुंबई। नीट पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में महाराष्ट्र इस पूरे नेटवर्क का अहम केंद्र बनकर उभरा है। एजेंसी को शक है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र यहीं से कई राज्यों तक पहुंचाया गया था। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए सीबीआई उन अभिभावकों तक भी पहुंच रही है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदा था।
सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के लातूर और पुणे में सीबीआई की टीमें कई संदिग्ध छात्रों और उनके अभिभावकों से पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ परिवारों ने परीक्षा से पहले लीक पेपर हासिल करने के लिए मोटी रकम खर्च की थी।
जांच में एक बाल रोग विशेषज्ञ का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि लातूर के डॉक्टर मनोज शिरूरे पर अपने बेटे के लिए कथित रूप से पेपर खरीदने का आरोप है। हालांकि एजेंसी अभी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि 10 से ज्यादा अभिभावक जांच के घेरे में हैं और इनमें से कुछ लोग आगे चलकर मामले में अहम गवाह बन सकते हैं।
इससे पहले सीबीआई ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में भी कई परिवारों से लंबी पूछताछ की थी। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमें विद्युत नगर इलाके में पहुंची थीं, जहां कथित तौर पर कुछ अभिभावकों ने अपनी बेटियों के लिए पेपर खरीदने के बदले लाखों रुपये दिए थे। सूत्रों के अनुसार, 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है।
उधर, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के प्रमुख ने संसदीय समिति के सामने कहा कि फिलहाल एजेंसी आधिकारिक तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं कर रही है। उनका कहना है कि CBI जांच में स्पष्ट सबूत सामने आने के बाद ही इस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष भी लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने एक बार फिर NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।