नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कथित नकली, मिलावटी और भारत में बिक्री के लिए गैर-अनुमोदित दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डॉ. मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फरीदाबाद से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं बरामद की हैं। इनमें ICLUSIG (Ponatinib) के 4 पैकेट, Human Albumin Solution 20% की 4 शीशियां और Janssen Biotech की DARZALEX के 2 बॉक्स शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ICLUSIG भारत में बिक्री के लिए अनुमोदित नहीं है, जबकि अन्य बरामद दवाओं की खेप के स्रोत और वैधता की जांच की जा रही है।
फरीदाबाद में खोली थी क्लीनिक और फार्मा फर्म
जांच के मुताबिक, आरोपी ने फरीदाबाद में HK Polyclinic और HK Pharmaceuticals शुरू की थी। पुलिस का आरोप है कि वह महंगी कैंसर दवाओं में ज्यादा मुनाफे के लालच में संदिग्ध स्रोतों से दवाएं हासिल करता था और फिर उन्हें जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का इस कथित नेटवर्क से किस स्तर तक संबंध था और दवाओं की सप्लाई कहां-कहां की गई।
गुप्त सूचना के बाद हुई गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच को दिल्ली-NCR में कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से कैंसर दवाओं की सप्लाई किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने जांच शुरू की और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस के मुताबिक, सुखदेव विहार इलाके में कार्रवाई के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मामले में FIR नंबर 94/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
रूस से की थी MBBS की पढ़ाई
पुलिस के अनुसार, मनीष शर्मा ने रूस से MBBS की पढ़ाई की थी, लेकिन भारत में मेडिकल लाइसेंसिंग परीक्षा पास नहीं कर सका। इसके बाद उसने फरीदाबाद में अस्पताल शुरू किया, लेकिन कथित तौर पर कारोबार में नुकसान होने के बाद संदिग्ध दवाओं के कारोबार में शामिल हो गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दवाओं की खरीद, तस्करी और बिक्री में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
पहले भी सामने आ चुका है बड़ा नेटवर्क
इससे पहले दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एंटी-कैंसर दवाओं के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 17 लोगों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में करीब 9 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं, 588 भरी हुई एंटी-कैंसर वायल, अन्य दवाएं और करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क के तार दिल्ली-NCR, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों से जुड़े थे। क्राइम ब्रांच इन दोनों मामलों में दवाओं के स्रोत, सप्लाई चेन और संभावित खरीदारों की भूमिका की जांच कर रही है।