पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों पर जारी मतगणना के बीच इस बार बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जिससे करीब 15 साल से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस की विदाई के संकेत मिल रहे हैं। कई सीटों पर नतीजे भी घोषित हो चुके हैं और उनमें भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
कलिम्पोंग, मोंतेश्वर, भातार और आसनसोल (दक्षिण) सीट पर भाजपा प्रत्याशियों को विजेता घोषित किया गया है। अब तक के रुझानों में पार्टी करीब 195 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग और केंद्रीय बलों पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
मतगणना के दौरान ममता बनर्जी खुद भवानीपुर स्थित सखावत मेमोरियल काउंटिंग हॉल पहुंचीं। उनके वहां पहुंचने के साथ ही बाहर भाजपा समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि, भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी भाजपा के शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ बढ़त बनाए हुए हैं, लेकिन उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर मतगणना रोकी जा रही है और सही आंकड़े सामने नहीं आ रहे।
मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने पार्टी एजेंटों से अपील की कि वे मतगणना केंद्रों को किसी भी हालत में न छोड़ें। उन्होंने कहा, “हिम्मत मत हारो, अंत में जीत हमारी ही होगी।” साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी 100 से अधिक सीटों पर आगे है, लेकिन उसकी सही रिपोर्टिंग नहीं की जा रही।
इस चुनाव में रिकॉर्ड मतदान भी दर्ज किया गया है। दूसरे चरण में 91.66% और पहले चरण में 93.19% मतदान हुआ, जिससे कुल वोटिंग प्रतिशत 92.47% तक पहुंच गया। इतनी बड़ी भागीदारी के बावजूद मौजूदा रुझान TMC के लिए झटका साबित हो रहे हैं। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों के साथ भारी जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष बनी थी। लेकिन इस बार के रुझान संकेत दे रहे हैं कि बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।