पश्चिम बंगाल में बकरीद पर गाय की कुर्बानी को लेकर दिए गए बयान के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर विवादों में घिर गए हैं। उनके बयान पर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और साफ कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर पी सिंह ने कहा कि अगर हुमायूं कबीर यह सोचते हैं कि वे गाय की कुर्बानी दे सकते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई और जेल के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के मुताबिक गाय काटने की अनुमति नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय है।
वहीं बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा ने हुमायूं कबीर के ‘आग से मत खेलो’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि देश के स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को अब जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्र और कानून की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा, तो बीजेपी पीछे नहीं हटेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण निषाद ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करता आया है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को दूसरा बांग्लादेश नहीं बनने दिया जाएगा।
इससे पहले बीजेपी नेता प्रियंका टिबरेवाल ने भी हुमायूं कबीर के बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि कोई भी व्यक्ति संविधान और कानून से ऊपर नहीं है। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जारी नियमों का पालन सभी को करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुर्बानी के लिए तय स्थान निर्धारित हैं और सार्वजनिक जगहों या रिहायशी इलाकों में ऐसा करने की अनुमति नहीं है।
दरअसल, हुमायूं कबीर ने हाल ही में बीजेपी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश की गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।
हुमायूं कबीर ने दावा किया था कि कुर्बानी की परंपरा 1400 साल पुरानी है और यह आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा था कि राज्य में गाय, बकरी और ऊंट सभी की कुर्बानी होती रहेगी।