देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर जोड़ने और उन्हें शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय तथा सामाजिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘आदिनिवास’ ऐप की शुरुआत 25 मई को की जाएगी। इस ऐप के लॉन्च कार्यक्रम में Hemant Soren मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस संबंध में करमटोली स्थित प्रेस क्लब सभागार में आयोजित बैठक में आयोजकों ने जानकारी दी कि ‘आदिनिवास’ केवल एक मोबाइल ऐप नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के भविष्य को तकनीक से जोड़ने की एक बड़ी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की संस्कृति, भाषा, पहचान, परंपरा, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित करना तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
आयोजकों ने बताया कि ऐप के जरिए युवाओं को आधुनिक तकनीक और विभिन्न अवसरों से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते मिल सकें। देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले आदिवासी युवाओं को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए यह मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
युवाओं को मिलेगा मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर
‘आदिनिवास’ ऐप में करीब 80 अनुभवी और विशेषज्ञ लोगों को जोड़ा गया है, जो युवाओं को शिक्षा, करियर, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में मार्गदर्शन देंगे। इसके माध्यम से आदिवासी उद्यमियों, व्यापारियों और युवाओं को बाजार और नेटवर्किंग से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कई लोग व्यवसाय तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित बाजार और संपर्क नहीं मिल पाता। यह ऐप उस कमी को दूर करने का काम करेगा और छोटे व्यवसायों को पहचान दिलाने में मदद करेगा।
सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी जोर
ऐप के माध्यम से विभिन्न राज्यों में रहने वाले आदिवासी परिवारों और युवाओं के बीच सामाजिक और वैवाहिक संपर्क को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखना है। ‘आदिनिवास’ को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो आदिवासी धर्म, संस्कृति, पहचान और सामाजिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ युवाओं को आधुनिक तकनीक और नए अवसरों से जोड़ने का काम करेगा।