उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव और राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं होते हैं तो ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में प्रशासक नियुक्त करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। इस पर अंतिम फैसला एक-दो दिन में लिया जा सकता है।
शुक्रवार को मरदह क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे ओपी राजभर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान मऊ विधायक अब्बास अंसारी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब्बास अंसारी समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, जो सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में अब्बास अंसारी को दोबारा सुभासपा से टिकट दिया जाएगा, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “कतई टिकट नहीं देंगे।”
सपा पर भी साधा निशाना
ओपी राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद कहा था कि उन्होंने अपना नेता चुनाव लड़ने के लिए दिया था। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, “पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है। पी से परिवार, डी से डिंपल और ए से अखिलेश यादव। राजभर ने कहा कि जब अखिलेश यादव पांच साल तक मुख्यमंत्री रहे, तब उन्हें पीडीए की याद नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में सरकारी नौकरियों में भर्ती को लेकर भी गड़बड़ियां होती थीं।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान Shivpal Singh Yadav भर्ती की सूची तैयार करते थे और अखिलेश यादव उस पर हस्ताक्षर करते थे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कुछ लोग व्यवस्था का फायदा उठाकर लूट में शामिल थे। ओपी राजभर ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार में Anil Yadav को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने पर हाईकोर्ट ने भी कड़ी टिप्पणी की थी।