प्रयागराज: अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी मामले को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की।
रविवार को प्रयागराज दौरे के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा, “चोर-चोर सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई… देखो जा रहा वो भाजपाई, जिसने खाई राम की पाई।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की प्राथमिकता देश नहीं, बल्कि चंदा है।
‘नेशन फर्स्ट नहीं, डोनेशन फर्स्ट’
सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग पहले ‘नेशन फर्स्ट’ की बात करते थे, अब उनके लिए ‘डोनेशन फर्स्ट’ अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था और श्रद्धा के नाम पर जो घटनाएं सामने आई हैं, उन्होंने लोगों की भावनाओं को आहत किया है। साथ ही दावा किया कि कथित दान गड़बड़ी के तार महाराष्ट्र और कर्नाटक तक जुड़े हुए हैं।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के शब्दकोश में धर्म और आस्था नहीं, बल्कि धन को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का नाम बदलकर ‘भाचपा’ कर देना चाहिए, क्योंकि उसमें चतुराई, चंदा, चालबाजी और चोरी ही दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अयोध्या के लगातार दौरे के बावजूद उन्हें कथित गड़बड़ियों की जानकारी नहीं मिली। इस संदर्भ में उन्होंने “चिराग तले अंधेरा” कहावत का उल्लेख किया।
‘सनातन धर्म का सम्मान, लेकिन गड़बड़ी स्वीकार नहीं’
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में है। हालांकि, धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या कथित गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई अपने स्तर पर आगे बढ़ रही है।