झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सरकार ने लंबित भुगतान से लेकर TB उन्मूलन अभियान तक कई मोर्चों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदाकर्मियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और सहियाओं के बकाया मानदेय व वेतन का भुगतान दीपावली से पहले सुनिश्चित करना होगा. वहीं, टीबी मुक्त भारत अभियान में अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले जिलों को अपनी कमियों में सुधार कर 24 घंटे के भीतर अद्यतन आंकड़े वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है.
अपर मुख्य सचिव ने की बैठक
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के सिविल सर्जन, NHM अधिकारियों और टीबी अभियान से जुड़े पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. प्रभात कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल हुए.
बकाया भुगतान में देरी पर कार्रवाई की चेतावनी
बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित वेतन और मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठा. अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि 30 सितंबर तक के लंबित भुगतान का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. इसमें NHM के संविदाकर्मियों और आउटसोर्स कर्मचारियों का बकाया शामिल है. सहियाओं के लंबित मानदेय का भुगतान भी दीपावली से पहले सुनिश्चित करने को कहा गया. उन्होंने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक के व्यय और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने का भी निर्देश दिया. भुगतान में लापरवाही मिलने पर जिला लेखा प्रबंधक, प्रखंड लेखा प्रबंधक समेत जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई.
अब HRIS पोर्टल से होगा वेतन भुगतान
स्वास्थ्य विभाग ने वेतन भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की तैयारी की है. अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यालय में कार्यरत NHM कर्मियों के अक्टूबर महीने के वेतन का भुगतान नवंबर में मानव संसाधन सूचना प्रणाली (HRIS) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा. नवंबर के वेतन का भुगतान दिसंबर में इसी व्यवस्था के तहत करने की तैयारी होगी. जिलों को भी इसके लिए समय पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा गया है. भविष्य में सहियाओं का भुगतान भी मुख्यालय के माध्यम से करने का निर्देश दिया गया. भुगतान की प्रक्रिया में पहले NHM संविदाकर्मियों और उसके बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा. NHM कर्मियों के दिसंबर महीने के वेतन का भुगतान भी HRIS पोर्टल से करने की व्यवस्था तैयार करने को कहा गया है.
टीबी अभियान में पिछड़े जिलों को 24 घंटे की मोहलत
टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने उन जिलों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां प्रदर्शन और निर्धारित सूचकांकों की स्थिति संतोषजनक नहीं है. ऐसे जिलों को 24 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार कर अद्यतन जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी. उन्होंने जिला स्तरीय समितियों के गठन, श्रेणी-एक नोडल पदाधिकारियों की कवरेज और अभियान की टीमों की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी ली. अधिकारियों को सभी लंबित सूचनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपडेट करने का निर्देश दिया गया.
टीबी मरीजों की सहायता राशि तुरंत जारी करने का निर्देश
बैठक में निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की भी समीक्षा हुई. अपर मुख्य सचिव ने सभी पात्र मरीजों के बैंक खातों में लंबित राशि तत्काल हस्तांतरित करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मरीज योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए.
पुरानी एंबुलेंस हटेंगी, अस्पतालों की दीपावली से पहले होगी मरम्मत
स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्था सुधारने के लिए भी अधिकारियों को समयबद्ध निर्देश दिए गए. 108 एंबुलेंस सेवा की समीक्षा के दौरान कहा गया कि जो वाहन परिचालन में नहीं हैं, सात वर्ष से अधिक पुराने हैं और डेढ़ लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुके हैं, उन्हें नियमानुसार अनुपयोगी घोषित कर नीलाम किया जाए. ऐसे वाहनों को अस्पताल परिसर से हटाने के साथ अन्य अनुपयोगी एंबुलेंसों की नीलामी की प्रक्रिया भी पूरी करने को कहा गया.
ममता वाहन सेवा की स्थिति और उससे जुड़े लंबित भुगतान का विवरण भी अद्यतन करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दीपावली से पहले रंग-रोगन, जरूरी मरम्मत और साफ-सफाई पूरी करनी होगी. अस्पताल परिसरों में उगी झाड़ियों को हटाने तथा भवनों और आसपास के क्षेत्रों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया. अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि टीबी अभियान की प्रगति, मरीजों को आर्थिक सहायता, स्वास्थ्यकर्मियों के भुगतान और अस्पतालों के रखरखाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करना होगा.