पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि राज्य सरकार की ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत पहली किस्त 1 जुलाई को महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
रविवार को फतेहगढ़ साहिब जिले के चनार्थल कलां गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली किस्त के रूप में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की जाएगी। इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं के खातों में 3000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं के खातों में 4500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जुलाई को लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर राशि जमा होने की सूचना भी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए राज्य सरकार ने 9300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
इस बीच, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने योजना के लागू होने पर पंजाब की महिलाओं को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का वीडियो साझा करते हुए कहा कि योजना के तहत एक परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएं होने पर प्रत्येक महिला को सम्मान राशि का लाभ मिलेगा।
हालांकि, सरकार ने कुछ श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा है। इनमें केंद्र या राज्य सरकार की नियमित अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारी, विधायक, सांसद और वर्तमान मंत्री, विधायक या सांसद की पत्नियां शामिल हैं। गौरतलब है कि महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने का वादा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मान ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने नहीं देगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार पूरी सतर्कता के साथ मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगी। विपक्ष पर हमला बोलते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार जनता के बीच रहकर काम करती है, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों के कई नेता आम लोगों से दूर रहते थे। उन्होंने कहा कि जनसेवा उनके लिए केवल राजनीतिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है।