समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी का संचालन करने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई भाजपा विधायक Akash Saxena द्वारा कुछ वर्ष पहले की गई शिकायत के बाद हुई जांच से जुड़ी है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने मार्च 2021 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) से जौहर ट्रस्ट की शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यूनिवर्सिटी के निर्माण और संचालन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
करोड़ों के दान पर उठे सवाल
शिकायत में दावा किया गया था कि जौहर यूनिवर्सिटी को कुछ ऐसे लोगों ने करोड़ों रुपये का दान दिया, जिनकी आय और टैक्स रिकॉर्ड संदिग्ध बताए गए। आरोप यह भी लगाया गया कि यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसकी वित्तीय पारदर्शिता की जांच जरूरी है। भाजपा विधायक ने ट्रस्ट पर परिवारवाद और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप भी लगाए थे। उनका कहना था कि ट्रस्ट के कई अहम पदों पर आजम खान के परिवार से जुड़े लोग शामिल हैं।
पहले भी हो चुकी है जांच
इस मामले में आयकर विभाग की टीम सितंबर 2023 में रामपुर पहुंचकर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में आजम खान से पूछताछ कर चुका है। बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर भी इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। विभिन्न एजेंसियां ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर रही हैं।
23 जून को पेश होने के निर्देश
अब आयकर विभाग, लखनऊ की ओर से मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को नया नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में 23 जून सुबह 11:30 बजे सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। आयकर विभाग ने निर्देश दिया है कि आजम खान या उनके अधिकृत प्रतिनिधि संबंधित दस्तावेजों और लिखित जवाब के साथ उपस्थित हों। विभाग ने यह विकल्प भी दिया है कि संबंधित पक्ष ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए अपना जवाब और दस्तावेज ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है।