गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में हुए हमले पर हर दिन नए खुलासे होते जा रहे हैं। आरोपी मुर्तजा से ATS की पूछताछ में रोज़ एक नए राज़ से पर्दा उठ रहा है। इस आतंकी मानसिकता वाले हमलावर के पाकिस्तान कनेक्शन पर अब मौहर लग गयी है। ये अपने नापाक मंसूबों से मंदिर को दहलाने आया था। अब इस मामले में आरोपी मुर्तज़ा अब्बासी से पूछताछ के आधार पर गोरखपुर से 5 संदिग्धों को एटीएस ने हिरासत में लिया है। ये सभी लोग कट्टरपंथी थे और इन्हें मुर्तज़ा की हर गतिविधि की जानकारी थी।
मुर्तज़ा ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि वह चाहता था कि देश में शरिया कानून लागू हो जाए। इस बात से हैरानी भी नहीं होती, क्यूंकि हर कट्टरपंथी और आतंकी मानसिकता रखने वाला व्यक्ति ऐसी ही बातें करते है। मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर पर बांके से हमला करने की वजह क्रूरता दिखाना बताया। वो दिखाना चाहता था की वो क्रूर है। उसने बताया कि गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने के पीछे मंशा हाइप क्रिएट करने की भी थी।
आरोपी मुर्तजा केमिकल इंजीनियर होने के नाते आसानी से बम बनाने की तमाम विधियां जानता था। उसे विदेश में बैठे आकाओं ने ही बम के बजाए बाँके या चापड़ से हमला करने के निर्देश दिए थे। ऐसे सभी युवकों को पाकिस्तान में बैठे इनके आका ही आर्डर देते हैं, और ये सभी उनके इशारों पर कठपुतली की तरह नाचते हैं।
मुर्तज़ा ने अपने लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन से कई अहम जानकारी डिलीट करने की बात भी क़ुबूल की है। मुर्तज़ा पर UAPA (unlawful Activity Prevention act उन्नीस सौ सड़सठ) लगाने की तैयारी पूरी है। UAPA लगने के बाद विवेचना NIA को हैंडओवर होगी। गौरतलब है कि गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर हमले मामले में एटीएस का इन्वेस्टिगेशन तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि अब टीम आरोपी अहमद मुर्तजा और उसके परिवार की संपत्ति का विवरण जुटा रही है। बता दें, गोरखनाथ मंदिर में हमले के आरोपी मुर्तजा को बीते गुरुवार एटीएस की टीम लखनऊ ले गई। अब मुख्यालय में उससे दो दिन तक पूछताछ की जा रही है। वहीं, 3 दिन तक पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में एटीएस के विवेचक और अधिकारियों ने उससे पूछताछ की।