नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और इजरायल को खुली चुनौती दी है। ईरान ने कहा है कि यदि हिम्मत है तो दोनों देश अपने तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर दिखाएं। ईरान का दावा है कि अगर उसके हितों, संप्रभुता या सम्मान पर हमला हुआ तो वह कड़ा जवाब देगा और समुद्री क्षेत्र में अपने विरोधियों के जहाजों को सुरक्षित नहीं रहने देगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी संचालित तेल टैंकर को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। बताया जा रहा है कि 5 मार्च को सऊदी समर्थित और अमेरिकी संचालन वाले तेल टैंकर “नोवा” पर हमला किया गया, जिसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) पर बताई जा रही है।
हमले के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा जोखिमों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में करीब 85 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। कई शिपिंग कंपनियों ने फिलहाल इस मार्ग से गुजरने में सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।
ईरान ने यह भी कहा है कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान का दावा है कि यदि इन देशों के जहाज प्रतिबंध का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है।