नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत-ईरान संबंधों को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। भारत में मौजूद ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा है कि भारत और ईरान के रिश्ते बेहद मजबूत हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
यह बयान उस समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के पास भारतीय झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इलाही ने इस घटना की जानकारी से इनकार करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंधों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और हालात जल्द सामान्य होंगे। उन्होंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील भी की।
इलाही ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध हजारों साल पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हाल के वर्षों में सफल बातचीत हुई है, जिससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं। उनका कहना था कि ऊर्जा और व्यापार के लिहाज से भी यह साझेदारी भारत के लिए अहम रही है, खासकर होर्मुज मार्ग के जरिए तेल आपूर्ति में।
वहीं दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठन ने कहा है कि जब तक अमेरिकी कार्रवाई से जुड़ी नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक यह मार्ग बंद रहेगा। साथ ही, क्षेत्र में मौजूद जहाजों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे बिना अनुमति आगे न बढ़ें।
इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डाल सकता है।