नई दिल्ली। दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी ठहराया है। शनिवार 10 अक्टूबर को सुनाए गए फैसले में अदालत ने उन्हें अन्य आरोपों से बरी कर दिया। वहीं इस मामले में शामिल 12 अन्य आरोपियों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया। अदालत अब ताहिर हुसैन को दी जाने वाली सजा की अवधि पर 16 नवंबर को दलीलें सुनेगी।
दंगा भड़काने में मदद करने का दोषी माना
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह की अदालत ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147 के साथ धारा 109 के तहत दोषी ठहराया। ये धाराएं दंगा करने और अपराध के लिए उकसाने या उसमें मदद करने से संबंधित हैं। हालांकि, अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए अन्य आरोपों में पर्याप्त आधार नहीं पाया और उन आरोपों से उन्हें बरी कर दिया। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल थीं।
दुकानों में लूटपाट और आगजनी से जुड़ा है मामला
यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर इलाके में 24 फरवरी 2020 को हुई हिंसा से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि दंगों के दौरान दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयानों के आधार पर ताहिर हुसैन की भूमिका का जिक्र किया। अगस्त 2023 में आरोप तय करते समय भी अदालत ने कहा था कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर उनके खिलाफ सुनवाई आगे बढ़ाने का प्रथम दृष्टया आधार बनता है। हालांकि, उस समय की टिप्पणियां अंतिम दोषसिद्धि नहीं थीं।
पहले भी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराए जा चुके हैं
ताहिर हुसैन को 2020 के दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है। यह मामला इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या से संबंधित है। उस मामले में अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुई हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था। इससे जुड़े अलग-अलग मामलों की सुनवाई अदालतों में जारी है।
16 नवंबर को सजा पर होगी सुनवाई
ताजा मामले में ताहिर हुसैन की दोषसिद्धि के बाद अब अदालत सजा की अवधि तय करने से पहले दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी। इसके लिए 16 नवंबर की तारीख तय की गई है। इस मामले में अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के बाद अब ताहिर हुसैन के खिलाफ दोषसिद्धि और सजा से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।