महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। संसद में बिल पारित न होने के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21 मार्च को लखनऊ में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली।यह पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास, कालीदास मार्ग से शुरू होकर विधान भवन तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें भाग लिया। पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठकके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे।
पदयात्रा के दौरान सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का रवैया अलोकतांत्रिक है और उनका आचरण महिला विरोधी रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला सशक्तिकरण का जो अवसर दिया था, विपक्ष ने उसका दुरुपयोग करने की कोशिश की। सीएम योगी ने कहा कि आज देशभर में महिलाएं विपक्षी दलों के खिलाफ सड़कों पर उतर रही हैं। उन्होंने समाज को चार वर्गों महिला, गरीब, युवा और किसान में बांटते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां इन्हीं वर्गों पर केंद्रित हैं, जिससे देश आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के पक्ष में है और इसे 2029 तक लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो पाया। उन्होंने दावा किया कि यह पदयात्रा महिलाओं के आक्रोश का प्रतीक है और देशभर में इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल से किसी को नुकसान नहीं होता, बल्कि इससे महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में उनका अधिकार मिलता। उनके अनुसार, विपक्ष केवल राजनीतिक कारणों से इस बिल का विरोध कर रहा है और प्रधानमंत्री के हर फैसले का विरोध करना उसकी आदत बन गई है। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत तेज होती नजर आ रही है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और आंदोलन और बढ़ सकते हैं।