राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा माफिया के खिलाफ सरकार की कार्रवाई बेहद कमजोर रही है और बड़े स्तर पर मिलीभगत के कारण बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
केजरीवाल ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी से लाखों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनके मुताबिक, छात्र और अभिभावक लंबे समय तक मेहनत और मानसिक दबाव झेलते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार ऐसी परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से कराने में क्यों असफल हो रही है।
आप प्रमुख ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भी पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई। केजरीवाल ने केंद्र से मांग की कि पुराने मामलों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यह बताया जाए कि अब तक किन लोगों पर कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को सुरक्षित तरीके से नहीं करा सकती, तो उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। साथ ही उन्होंने परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र और उनके परिवार वर्षों की मेहनत लगाते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं का भरोसा तोड़ती हैं।
केजरीवाल ने प्रभावित छात्रों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा माफिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर छात्र अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
इस बीच, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। एजेंसियों को मिली शुरुआती सूचनाओं के बाद परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद यह बड़ा कदम उठाया गया।