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प्रादेशिक

दिल्ली : बिजली संकट के कारण मेट्रो सेवा प्रभावित

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दिल्ली

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दिल्लीनई दिल्ली| दिल्ली मेट्रो की सेवा गुरुवार दोपहर बिजली चले जान से प्रभावित रही। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि बिजली आपूर्ति में कटौती के कारण येलो लाइन और ब्लू लाइन सेवा प्रभावित रही।

अधिकारी ने कहा कि दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड से बिजली की आपूर्ति नहीं होने के कारण सुभाष नगर, द्वारका, छतरपुर और दिल्ली एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन दोनों लाइनों को बिजली मुहैया नहीं करा सके।

येलो लाइन हरियाणा के गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर स्टेशन को उत्तरी दिल्ली के समयपुर बादली स्टेशन से जोड़ती है। वहीं, इससे अधिक लंबी लाइन ब्लू लाइन पश्चिमी दिल्ली के द्वारका को उत्तर प्रदेश के वैशाली और नोएडा सिटी सेंटर स्टेशनों से जोड़ती है।

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अधिकारी ने बताया कि मेट्रो ने अन्य स्रोतों से बिजली का प्रबंध कर सेवा बहाल की, लेकिन ट्रेनों के फेरे प्रभावित हुए हैं। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन काफी धीमी गति से चल रही थीं और स्टेशन पर ज्यादा देर रूक रही थीं। अधिकारी ने कहा कि आधे घंटे बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं।

18+

जियो ने जोड़े सबसे अधिक ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’- ट्राई

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नई दिल्ली| भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़ने के मामले में सबसे आगे है। सितंबर महीने में जियो ने करीब 17 लाख ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़े। समान अवधि में भारती एयरटेल ने 13 लाख तो वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने 31 लाख के करीब ग्राहक गंवा दिए। ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़ने के मामले में जियो लगातार दूसरे महीने नंबर वन बना हुआ है। एयरटेल और वोडाआइडिया के ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ नंबर गिरने के कारण पूरे उद्योग में सक्रिय ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखी गई, सितंबर माह में यह 15 लाख घटकर 106 करोड़ के करीब आ गई।

बताते चलें कि टेलीकॉम कंपनियों का परफॉर्मेंस उनके एक्टिव ग्राहकों की संख्या पर निर्भर करता है। क्योंकि एक्टिव ग्राहक ही कंपनियों के लिए राजस्व हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है। हालांकि सितंबर माह में पूरी इंडस्ट्री को ही झटका लगा। जियो, एयरटेल और वीआई से करीब 1 करोड़ ग्राहक छिटक गए। मतलब 1 करोड़ के आसपास सिम बंद हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि टैरिफ बढ़ने के बाद, उन ग्राहकों ने अपने नंबर बंद कर दिए, जिन्हें दो सिम की जरूरत नहीं थी।

बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी में भी मामूली वृद्धि देखी गई। इस सरकारी कंपनी ने सितंबर में करीब 15 लाख वायरलेस डेटा ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े, जो जुलाई और अगस्त के 56 लाख के औसत से काफी कम है। इसके अलावा, बीएसएनएल ने छह सर्किलों में ग्राहक खो दिए, जो हाल ही की वृद्धि के बाद मंदी के संकेत हैं।

ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि वायरलाइन ब्रॉडबैंड यानी फाइबर व अन्य वायरलाइन से जुड़े ग्राहकों की कुल संख्या 4 करोड़ 36 लाख पार कर गई है। सितंबर माह के दौरान इसमें 7 लाख 90 हजार नए ग्राहकों का इजाफा हुआ। सबसे अधिक ग्राहक रिलायंस जियो ने जोड़े। जियो ने सितंबर में 6 लाख 34 हजार ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा तो वहीं एयरटेल मात्र 98 हजार ग्राहक ही जोड़ पाया। इसके बाद जियो और एयरटेल की बाजार हिस्सेदारी 32.5% और 19.4% हो गई। समान अवधि में बीएसएनएल ने 52 हजार वायरलाइन ब्राडबैंड ग्राहक खो दिए।

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