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बिजनेस

भारत के नौ प्रमुख शहरों में नोल्टा देगी दस्तक

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नई दिल्ली| केरल की जानीमानी घरेलू बर्तन निर्माता कंपनी नोल्टा आगामी कुछ सप्ताह में नौ शहरों में अपने उत्कृष्ट उत्पादों को उतारने की तैयारी में है। कोच्चि के कोट्टाराम समूह की कंपनी नोल्टा भारत में बर्तनों की श्रेणी के परिदृश्य को बदलने की दिशा में लगातार कार्यरत है। केरल में अपने प्रतिष्ठित शोध व विकास और डिजाइन केंद्र तथा हांगकांग की विनिर्माण इकाई की बदौलत इसने सभी श्रेणियों में उत्पाद उत्कृष्टता को सुनिश्चित किया है।

विस्तार के अपने पहले चरण के तहत नोल्टा ने नई दिल्ली में 12 उप-समूहों में 178 स्टॉक कीपिंग यूनिट्स (एसकेयू) के साथ शुरुआत की। इसने लोकप्रिय व मौलिक दोनों प्रकार के उत्पादों को पेश किया है, जो ग्राहकों के सामने चयन के लिए विकल्प प्रदान करेगा। कुछ अन्य उत्पादों में सेरेमिक नॉन स्टिक, एनामेल वेयर, रंगीन नॉन स्टिक तथा कई प्रकार के थालियों के रैक पेश किए हैं। नोल्ट के उत्पाद नई दिल्ली के प्रमुख आउटलेट पर 500 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ उपलब्ध हैं।

नई दिल्ली में ब्रांड की लांचिंग के मौके पर नोल्टा के प्रोमोटर एंटनी कोट्टाराम ने कहा, “बीते 15 वर्षो के दौरान हम केरल में खुद को स्थापित करने में सफल रहे हैं। अपनी इस सफलता से उत्साहित होकर हम अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना चाहते हैं। अपने ग्राहकों के लिए नए-नए उत्पादों का निर्माण करने को लेकर नोल्टा को गर्व है और यह प्रकृति हमें अपनी रणनीति को आगे ले जाने में सहायक होगी।”

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बिजनेस

जेट एयरवेज की संपत्तियों की होगी बिक्री

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश को रद्द करते हुए दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के अनुसार निष्क्रिय जेट एयरवेज के परिसमापन का आदेश दिया। एनसीएलएटी ने पहले कॉरपोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के हिस्से के रूप में जालान कालरॉक कंसोर्टियम (जेकेसी) को एयरलाइन के स्वामित्व के हस्तांतरण को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुए कहा कि जेकेसी संकल्प का पालन करने में विफल रहा क्योंकि वह 150 करोड़ रुपये देने में विफल रहा, जो श्रमिकों के बकाया और अन्य आवश्यक लागतों के बीच हवाई अड्डे के बकाया को चुकाने के लिए 350 करोड़ रुपये की पहली राशि थी। नवीनतम निर्णय एयरलाइन के खुद को पुनर्जीवित करने के संघर्ष के अंत का प्रतीक है।

NCLT को लगाई फटकार

पीठ की ओर से फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति पारदीवाला ने एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ एसबीआई तथा अन्य ऋणदाताओं की याचिका को स्वीकार कर लिया। याचिका में जेकेसी के पक्ष में जेट एयरवेज की समाधान योजना को बरकरार रखने के फैसले का विरोध किया गया है। न्यायालय ने कहा कि विमानन कंपनी का परिसमापन लेनदारों, श्रमिकों और अन्य हितधारकों के हित में है। परिसमापन की प्रक्रिया में कंपनी की संपत्तियों को बेचकर प्राप्त धन से ऋणों का भुगतान किया जाता है। पीठ ने एनसीएलएटी को, उसके फैसले के लिए फटकार भी लगाई।

शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया, जो उसे अपने समक्ष लंबित किसी भी मामले या मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आदेश तथा डिक्री जारी करने का अधिकार देता है। एनसीएलएटी ने बंद हो चुकी विमानन कंपनी की समाधान योजना को 12 मार्च को बरकरार रखा था और इसके स्वामित्व को जेकेसी को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी थी। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और जेसी फ्लावर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ अदालत का रुख किया था।

 

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