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बिजनेस

लोगों की जरूरतें पूरी करें बैंक : चांडी

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Oommen-Chandy

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तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने सोमवार को बैंकिंग उद्योग का आह्वान किया कि लोगों की बैंकिंग जरूरतें पूरी करने के लिए अधिक अनुकूल दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। चांडी ने राज्य स्तर के बैंकर्स समिति की समीक्षा बैठक में कहा कि बैंकिंग उद्योग को सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक कर्ज को मंजूरी देने के संदर्भ में एक एकीकृत नीति का लक्ष्य रखने की कोशिश करनी चाहिए।

चांडी ने कहा, “आज, बैंकों के अलग-अलग नियम और शर्ते हैं। आज पूरे बैंकिंग उद्योग को आगे आकर राज्य सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए।” गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने यहां ‘ऑपरेशन कुबेर’ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि अभियान के दूसरे चरण का लक्ष्य अवैध साहूकारों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जो सोमवार से शुरू हो रहा है। चेन्निथला ने कहा कि पुलिस अवैध साहूकारों और चिटफंड कंपनियों की तलाश करेगी, जो बिना उचित लाइसेंस के कारोबार कर रहे हैं।

नेशनल

ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग ऐप को मनमानी करने पर 103 के बदले देने पड़ेंगे 35,453 रु, जानें क्या है पूरा मामला

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हैदराबाद। ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग ऐप स्विगी को ग्राहक के साथ मनमानी करना भारी पड़ गया। कंपनी की इस मनमानी पर एक कोर्ट ने स्विगी पर तगड़ा जुर्माना ठोक दिया। हैदराबाद के निवासी एम्माडी सुरेश बाबू की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। बाबू ने आरोप लगाया था कि स्विगी ने उनके स्विगी वन मेंबरशिप के लाभों का उल्लंघन किया और डिलीवरी Food Delivery की दूरी को जानबूझकर बढ़ाकर उनसे अतिरिक्त शुल्क वसूला

क्या है पूरा मामला ?

सुरेश बाबू ने 1 नवंबर, 2023 को स्विगी से खाना ऑर्डर किया था। सुरेश के लोकेशन और रेस्टॉरेंट की दूरी 9.7 किमी थी, जिसे स्विगी ने बढ़ाकर 14 किमी कर दिया था। दूरी में बढ़ोतरी की वजह से सुरेश को स्विगी का मेंबरशिप होने के बावजूद 103 रुपये का डिलीवरी चार्ज देना पड़ा। सुरेश ने आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि स्विगी वन मेंबरशिप के तहत कंपनी 10 किमी तक की रेंज में फ्री डिलीवरी करने का वादा किया था।कोर्ट ने बाबू द्वारा दिए गए गूगल मैप के स्क्रीनशॉट्स और बाकी सबूतों की समीक्षा की और पाया कि दूरी में काफी बढ़ोतरी की गई है।

कोर्ट ने स्विगी को अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया और कंपनी को आदेश दिया कि वे सुरेश बाबू को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ 350.48 रुपये के खाने का रिफंड, डिलीवरी के 103 रुपये, मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए 5000 रुपये, मुकदमे की लागत के लिए 5000 रुपए समेत कुल 35,453 रुपये का भुगतान करे।

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