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बिजनेस

मैक्सिकी पेसो कमजोर, टल सकती है नाफ्टा वार्ता

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मैक्सिको, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)| उत्तरी अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते (एनएएफटीएए) के पुनर्निवेश की अनिश्चितता के कारण मैक्सिको की मुद्रा पेसो कमजोर पड़ गई है और इस कारण नाफ्टा वार्ता के टलने के आसार हैं। समचार एजेंसी सिन्हुआ ने बांको बेस में आर्थिक और वित्तीय विश्लेषण के निदेशक गैब्रिएला सिल्लर के हवाला से कहा, जून के बाद से इस हफ्ते पेसो काफी कमजोर रहा। इससे पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया। अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते एक अमेरिकी डॉलर 18.62 पेसो तक पहुंच गया है।

सिल्लर ने सिन्हुआ को बताया कि आने वाले दिनों में पेसो का मूल्य डॉलर के मुकाबले 18.4 और 18.88 के बीच रह सकता है।

उन्होंने कहा, अगले हफ्ते, पेसो का मूल्य डॉलर के मुकाबले नुकसान से असुरक्षित रहेगा। विशेष रूप से यह खबर दी गई है कि एनएएफटीए पुनर्निवेश के चौथे दौर से क्या बाहर आ सकता है?

सिल्लर ने कहा कि मैक्सिकी व्यापार समुदाय इस हफ्ते इस तथ्य से परेशान है कि अगर संयुक्त राज्य और कनाडा ने ऐसे प्रस्ताव दिए, जिसे वह पूरा नहीं कर सका, तो वह वार्ता से दूर जा सकता है।

वार्ता के चौथे चरण के लिए सभी तीनों देशों के समकक्ष वाशिंगटन में 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच मिलेंगे, जहां सभी देशों द्वारा अमेरिका के व्यापार घाटे और मूल नियमों जैसे कड़े मुद्दों से निपटने की संभावना है।

कोन्टिनुम इकोनोमिक्स के एक लैटिन अमेरिकी अर्थशास्त्री ने कहा, अन्य कारक जो पेसो पर दबाव डाल रहे हैं, जिसमें यह तथ्य शामिल है कि मैक्सिको ‘योजना बी’ की तलाश कर सकता है, जिसका मतलब है 1994 से उत्तरी अमेरिकी व्यापार के स्तंभ नाफ्टा को निकाल देना।

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बिजनेस

जियो ने जोड़े सबसे अधिक ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’- ट्राई

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नई दिल्ली| भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़ने के मामले में सबसे आगे है। सितंबर महीने में जियो ने करीब 17 लाख ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़े। समान अवधि में भारती एयरटेल ने 13 लाख तो वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने 31 लाख के करीब ग्राहक गंवा दिए। ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ जोड़ने के मामले में जियो लगातार दूसरे महीने नंबर वन बना हुआ है। एयरटेल और वोडाआइडिया के ‘एक्टिव सब्सक्राइबर’ नंबर गिरने के कारण पूरे उद्योग में सक्रिय ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखी गई, सितंबर माह में यह 15 लाख घटकर 106 करोड़ के करीब आ गई।

बताते चलें कि टेलीकॉम कंपनियों का परफॉर्मेंस उनके एक्टिव ग्राहकों की संख्या पर निर्भर करता है। क्योंकि एक्टिव ग्राहक ही कंपनियों के लिए राजस्व हासिल करने का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है। हालांकि सितंबर माह में पूरी इंडस्ट्री को ही झटका लगा। जियो, एयरटेल और वीआई से करीब 1 करोड़ ग्राहक छिटक गए। मतलब 1 करोड़ के आसपास सिम बंद हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि टैरिफ बढ़ने के बाद, उन ग्राहकों ने अपने नंबर बंद कर दिए, जिन्हें दो सिम की जरूरत नहीं थी।

बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी में भी मामूली वृद्धि देखी गई। इस सरकारी कंपनी ने सितंबर में करीब 15 लाख वायरलेस डेटा ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े, जो जुलाई और अगस्त के 56 लाख के औसत से काफी कम है। इसके अलावा, बीएसएनएल ने छह सर्किलों में ग्राहक खो दिए, जो हाल ही की वृद्धि के बाद मंदी के संकेत हैं।

ट्राई के आंकड़े बताते हैं कि वायरलाइन ब्रॉडबैंड यानी फाइबर व अन्य वायरलाइन से जुड़े ग्राहकों की कुल संख्या 4 करोड़ 36 लाख पार कर गई है। सितंबर माह के दौरान इसमें 7 लाख 90 हजार नए ग्राहकों का इजाफा हुआ। सबसे अधिक ग्राहक रिलायंस जियो ने जोड़े। जियो ने सितंबर में 6 लाख 34 हजार ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा तो वहीं एयरटेल मात्र 98 हजार ग्राहक ही जोड़ पाया। इसके बाद जियो और एयरटेल की बाजार हिस्सेदारी 32.5% और 19.4% हो गई। समान अवधि में बीएसएनएल ने 52 हजार वायरलाइन ब्राडबैंड ग्राहक खो दिए।

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