लखनऊ। 31 अगस्त को अयोध्या रेलवे स्टेशन पर सरयू एक्सप्रेस में सुबह 4:15 पर घायल मिली महिला सिपाही को देखने आज उप्र के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद व SDG क़ानून व्यवस्था प्रशांत कुमार लखनऊ के KGMU पहुँचे।
इस दौरान प्रशांत कुमार ने कहा महिला सिपाही की स्थिति पहले से बेहतर है और लगातार सुधार हो रहा है। महिला सिपाही बोलने की स्थिति में आएगी तो उससे बातचीत की जाएगी। अभी तक रेप जैसी वारदात के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हर पहलू पर जांच की जा रही है। कोर्ट के जो भी निर्देश मिले हैं उनका पालन किया जाएगा। मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने मामले का स्वतः लिया संज्ञान
बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर ने अयोध्या ट्रेन में महिला कांस्टेबल के खून से लथपथ मिलने की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया। चीफ जस्टिस ने रविवार को अवकाश के दिन रात में 9 बजे अपने आवास पर इस केस की स्पेशल बेंच बनाकर जनहित याचिका दायर की और खुद सुनवाई की। उन्होंने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई और राज्य सरकार व रेलवे को सोमवार को जवाबों के साथ तलब होने को कहा है।
क्या है मामला
गौरतलब है कि अयोध्या में चल रहे सावन झूला मेले में ड्यूटी करने आई महिला सिपाही 31 अगस्त को सरयू एक्सप्रेस में सुबह 4:15 पर पैसेंजर ट्रेन में घायल मिली थी। जिस ट्रेन में मिली थी वो मनकापुर से अयोध्या जाने वाली थी। उसके शरीर और चेहरे पर चाकू के कई निशान मिले थे। घायल सिपाही हनुमानगढ़ी पर तैनात थी।
चेहरे की बाईं ओर 15 से ज्यादा टांके आई ब्रो सहित चेहरे पर लगे थे। ज्यादा खून बहने से हालत गंभीर हो गई थी। सुबह 4 बजे अयोध्या जीआरपी ने महिला आरक्षी को घायल अवस्था में ट्रेन से उतारा। महिला सिपाही की ड्यूटी सावन मेले में हनुमान गढ़ी पर रोज सुबह 3 बजे से दोपहर 5:40 तक थी।
आशंका है कि वह ट्रेन सरयू एक्सप्रेस में रात को सुल्तानपुर से अयोध्या के लिए निकली। महिला सिपाही नींद के कारण अयोध्या से आगे मनकापुर निकल गई। इस बीच ट्रेन खाली होने के कारण उसके साथ हादसा हो गया। महिला सिपाही के साथ रेप की भी आशंका जताई जा रही थी।