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प्रादेशिक

गोदावरी का जलस्तर बढ़ा, तेलंगाना, आंध्र में बाढ़ की आशंका

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हैदराबाद| तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में लगातार तीसरे दिन सोमवार को हो रही भारी बारिश को देखते हुए दोनों राज्यों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तेलंगाना के खम्माम जिले में एवं आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में गोदावरी एवं इसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांव राज्य के बाकी हिस्सों से कट गए हैं।

खम्माम जिले के भद्राचलम में गोदावरी का जलस्तर सोमवार सुबह नौ बजे 37 फुट तक पहुंच गया और नदी का पानी तट पर बसे गावों तक पहुंच गया।

उधर, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में हो रही भा बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने अभी और बारिश होने का अनुमान जताया है।

छत्तीसगढ़ में हो रही लगतार भारी बारिश के कारण खम्माम में गोदावरी की सहायक नदी तलिपेरु और उसके आसपास विस्तृत तलिपेरु जलाशय में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। अधिकारियों ने जलाशय के 22 फाटक खोल दिए हैं।

खम्माम में ही चीकूपल्ली जलधारा में जलस्तर बढ़ने से गांवों से संपर्क टूट गया है।

खम्माम जिले से भारी मात्रा में गोदावरी में पानी छोड़े जाने से आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में गोदावरी नदी में बाढ़ आ गई है और राजमुंदरी के पास डॉवलेश्वरम बांध में जलस्तर 7.7 फुट तक पहुंच चुका है।

निचले इलाके के गांवों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए पूर्वी गोदावरी जिले के जिलाधिकारी अरुण कुमार ने सर्तक रहने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है।

पूर्वी गोदावरी जिले के कोनासीमा में गोदावरी का जलस्तर किसानों के लिए फसलों की बर्बादी को लेकर चिंता का विषय बना हुआ है।

मौसम विभाग के मुताबिक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश दक्षिण पश्चिम मानसून और ओडिशा के दक्षिण तट से रविवार को गुजरे विक्षोभ से हो रही है।

विशाखापत्तनम के चक्रवात चेतावनी केंद्र का कहना है कि तेज आंधी 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश के दक्षिण एवं उत्तरी तट की ओर बढ़ रही है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने की चेतावनी जारी की गई है।

चक्रवात चेतावनी केंद्र के मुताबिक, कलिंगपट्टनम, भीमुनीपट्टनम, विशाखापत्तनम, गंगवरम, काकीनाडा और मछलीपट्टनम बंदरगाहों में तूफान की चेतावनी जारी कर दी गई है।

IANS News

महाकुंभ में बिछड़ने वालों को अपनों से मिलाएंगे एआई कैमरे, फेसबुक और एक्स भी करेंगे मदद

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प्रयागराज। महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगी योगी आदित्यनाथ सरकार पहली बार इतने व्यापक स्तर पर महाआयोजन का डिजिटलाइजेशन कर रही है। यहां एआई की मदद से ऐसे कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 45 करोड़ श्रद्धालुओं की हिफाजत में 24 घंटे तैनात रहेंगे। एआई लाइसेंस वाले इन कैमरों के साथ ही फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म भी बिछड़ने वाले परिजनों को खोजने में तत्काल मदद करेंगे।

मदद करेगा डिजिटल खोया पाया केंद्र

इस बार महाकुंभ में देश विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को अपनों को खोने का डर नहीं सताएगा। मेला प्रशासन ने इसकी व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए डिजिटल खोया पाया केंद्र को एक दिसंबर से लाइव किया जाएगा। इसके माध्यम से 328 एआई लाइसेंस वाले कैमरे पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखेंगे। इन सभी कैमरों का परीक्षण कर लिया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को इन विशेष कैमरों से लैस किया जा रहा है। योगी सरकार के निर्देश पर बड़े पैमाने पर कैमरे इंस्टॉल करने का काम अपने अंतिम चरण में है। मेला क्षेत्र की चार लोकेशन पर इन विशेष एआई कैमरों का परीक्षण भी किया जा चुका है।
महाकुंभ में अब कोई भी अपना बिछड़ने नहीं पाएगा।

पलक झपकते काम करेगी तकनीक

महाकुंभ 2025 में शामिल होने वाले श्रृद्धालुओं के लिए सरकार ने ऐसे डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की स्थापना की है, जो तकनीक के सहारे चलेंगे और पलक झपकते ही अपनों से मिलाएंगे। इसमें हर खोए हुए व्यक्ति का डिजिटल पंजीकरण तुरंत किया जाएगा। पंजीकरण होने के बाद एआई कैमरे गुमशुदा की तलाश में जुट जाएंगे। यही नहीं, गुमशुदा की जानकारी को फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया जाएगा। यह व्यवस्था महाकुंभ मेले को न केवल सुरक्षित बनाएगी, बल्कि परिवारों को जल्दी और आसानी से अपने प्रियजनों से जोड़ने का काम करेगी।

फोटो से मिलान करेगा एआई

महाकुंभ में अपनों से बिछड़ने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह तत्काल काम करेगा। यहां 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। ऐसे में एआई कैमरे तत्काल फोटो खींचकर व्यक्ति की पहचान कर लेंगे। इस काम में सोशल मीडिया भी तत्पर रहेगा।

पहचान का देना होगा प्रमाण

जो भी व्यक्ति महाकुंभ मेले में अपनों से बिछड़ेगा, उसका सुरक्षित, व्यवस्थित और जिम्मेदार प्रणाली के तहत ख्याल भी रखा जाएगा। किसी भी वयस्क को बच्चे या महिला को ले जाने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि वह उसे पहचानते हैं और उनकी पहचान प्रमाणिक है।

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