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खेल-कूद

जर्मनी को हरा अमेरिकी महिलाएं फीफा विश्व कप के फाइनल में

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मॉण्ट्रियल | अमेरिकी महिला फुटबाल टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में जर्मनी को 2-0 से मात देकर फीफा महिला विश्व कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। मंगलवार को हुए मुकाबले में अमेरिकी टीम की जीत में कार्ली लॉयड की भूमिका अहम रही। लॉयड ने जहां खुद एक गोल किया वहीं दूसरा गोल में उनकी मदद अहम रही। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार, मध्यांतर तक मैच गोलरहित रहा और मध्यांतर के बाद 69वें मिनट में लॉयड ने मैच का पहला गोल कर अमेरिकी टीम को बढ़त दिला दी। जर्मनी की डिफेंडर एन्निक क्राहन अमेरिकी खिलाड़ी एलेक्स मोर्गन पर गिर पड़ी और रेफरी ने अमेरिकी के पक्ष में पेनाल्टी कॉर्नर दे दिया।

लॉयड ने इस पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर अमेरिकी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस पेनाल्टी कॉर्नर पर हालांकि जर्मनी के कोच सिल्विया नीड ने नाराजगी जाहिर की। नीड ने कहा, “मुझे उसे (पेनाल्टी) काफी दुख है। इसने मैच को नतीजा तय किया। यह साफ तौर पर डी से बाहर था, जिसे आप टीवी पर साफ-साफ देख सकते हैं। लेकिन आपको इसे स्वीकार करना होगा। अब इसे बदला नहीं जा सकता।” इस गोल से नौ मिनट पहले ही जर्मन टीम पेनाल्टी कॉर्नर का एक सुनहरा मौका गंवा बैठी। टूनार्मेंट में सर्वाधिक गोल करने वाली सीलिया सासिक का शॉट गोलपोस्ट से बाईं और बाहर चला गया।

नीड ने इस पर निराशा जाहिर करते हुए कहा, “अगर आप पेनाल्टी कॉर्नर पर चूक जाते हैं और उसके कुछ ही देर बाद आपके खिलाफ पेनाल्टी कॉर्नर पर ही गोल हो जाता है, फिर उस दबाव से बाहर निकलना बेहद मुश्किल होता है।” इससे पहले टूनार्मेट में एकमात्र गोल करने वाली लॉयड ने इसके बाद 84वें मिनट में केली ओहारा को गोलपोस्ट के बिल्कुल करीब बेहद सटीक पास दिया, जिसे ओ’हारा ने गोल की दिशा दिखाने में कोई भूल नहीं की और अमेरिकी को 2-0 की निर्णायक बढ़त दिला दी।

खेल-कूद

विराट कोहली ने की है 12वीं तक पढ़ाई, इस सब्जेक्ट का नाम सुनकर ही आ जाता था पसीना

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने 16 साल के करियर में विराट इतने आगे निकल गए हैं कि उनके रिकार्ड्स को तोड़ना लगभग नामुमकिन सा लगता है। आज विराट के जन्मदिन के मौके पर हम आपको ऐसी बात बताने जा रहे हैं जो आपने शायद पहले कभी नहीं सुनी होगी। आज हम आपको बताएंगे कि मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों को डराने वाले विराट किससे डरा करते थे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि मैदान पर रिकॉर्ड्स के अंबार लगाने वाले विराट कोहली ने केवल 12वीं तक की ही पढ़ाई की है। क्रिकेट के प्रति दीवानगी के चलते उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। विराट ने दिल्ली की ‘विशाल भारती पब्लिक स्कूल’ से पढ़ाई की है। स्कूल की वेबसाइट में भी एल्युमनाई में कोहली का जिक्र है और उनकी तस्वीरें भी लगा रखी है।

दिल्ली के जानेमाने स्कूल में से एक इस स्कूल को कई अवार्ड मिल चुके हैं। विराट का फेवरेट सब्जेक्ट हिस्ट्री था। विराट हमेशा से ही अतीत की बातें सीखने के लिए उत्सुक रहते थे। मैथ्स एक ऐसा सब्जेक्ट था जिसके बारे में सुनकर विराट के पसीने छूट जाते थे। कहा जाता है कि एक बार विराट को मैथ्स में 100 में केवल 3 ही मार्क्स मिले थे।

विराट कोहली की ही कप्तानी में भारतीय टीम ने 2008 का अंडर-19 वर्ल्ड कप जीती थी। यह टूर्नामेंट मलेशिया में खेला गया था। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर कोहली ने टीम इंडिया के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मैच 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था।

 

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