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धूमल को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने से छंट गया भ्रम : अनुराग

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शिमला, 4 नवंबर (आईएएनएस)| हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता प्रार्टी द्वारा प्रेम कुमार धूमल को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किये जाने के बाद भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का कहना है कि इससे सभी ‘भ्रमों’ का निवारण हो गया है और इसने मतदाताओं को विधानसभा चुनाव में पार्टी (भाजपा) के पक्ष में कर दिया है।

अनुराग ठाकुर, प्रेम कुमार धूमल के पुत्र हैं।

बड़े पैमाने पर अटकलों के दौर चले थे जिसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के विचार को बल मिल रहा था। लेकिन ठाकुर ने कहा कि उनके पिता के नाम पर पहले ही सहमति बना ली गई थी।

ठाकुर ने आईएएनएस को दिए एक साक्षात्कार में बताया, मीडिया में मुख्यमंत्री पद के दावेदार को लेकर चल रही खबरों के कारण लोगों और पार्टी के समर्थकों में भ्रम की स्थिति थी कि चुनावों में कौन भाजपा का नेतृत्व करेगा। जिनका नाम इस दौड़ में नहीं था, उनका नाम भी उभरकर सामने आया। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा के बाद संशय पर पूर्णविराम लग गया।

उन्होंने कि इस घोषणा के बाद पार्टी का मूड बदल गया और कार्यकर्ताओं में नया जोश भर गया।

उन्होंने कहा, धूमल जी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने से कार्यकर्ता मुखर, अधिक उत्साहित और पहले से ज्यादा सक्रिय हो गए हैं। साथ ही जनता के मूड में भी काफी बदलाव देखा जा रहा है। राज्य में मोदी जी और धूमल जी के लिए मंच तैयार हो चुका है।

ठाकुर ने कहा, आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री सात रैलियों को संबोधित करने जा रहे हैं। यह रैलियां पूरे दृश्य को भाजपा के हित में परिवर्तित कर देंगी। जिस तरीके से अमित शाह द्वारा धूमल के नाम की घोषणा की गई है, इसे पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों और मतदाताओं के बीच एक अच्छा संदेश गया है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में राज्य के उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए अगर अमित शाह ने धूमल का नाम बतौर पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार ले लिया होता तो उसका प्रभाव इतना शक्तिशाली नहीं होता जितना की आज है।

उन्होंने कहा, जो हवा हमने आज बनाई है, वह नहीं बनी होती अगर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा पहले कर दी गई होती। अमित शाह ने अच्छी तरह से इस पर रणनीति बनाई। अब यहां से हम केवल अपनी संख्या बढ़ाएंगे। इस घोषणा का दिन और समय शानदार था।

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा में देरी के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा, भाजपा में योजना और रणनीति के बिना कुछ भी नहीं होता है, खासकर जिसमें मोदीजी और अमित शाह जैसे नेता शामिल हों। यह पहले से तय था।

हमीरपुर के सांसद ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला किया और राहुल गांधी की क्षमताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें एक शक्तिशाली और निर्णायक नेता बनने का दम नहीं है।

ठाकुर ने कहा, कांग्रेस और उनके नेताओं में हिम्मत नहीं है। वे वीरभद्र सिंह के आगे नतमस्तक हैं, जो जमानत पर बाहर हैं। वे हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्य में सिंह से भी छुटकारा नहीं पा सकते। हमारे पास प्रदेशाध्यक्ष (बिहार कांग्रेस के) पद से हटाए गए अशोक चौधरी के बाद कांग्रेस में फैले असंतोष का उदाहरण है। वह (गांधी) कैसे एक देश चला सकते हैं जब वह अपनी पार्टी चलाने और खुद के नेताओं को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं हैं?

राहुल गांधी की लोकप्रियता में अचानक बढ़ोतरी की खबरों के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने कहा कि जैसा कि कांग्रेस दावा कर रही है कि वह लोकप्रिय हैं, तो फिर पार्टी उन्हें हिमाचल प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक सभा करने से क्यों रोक रही है।

उन्होंने कहा, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेता क्यों राहुल से ज्यादा रैलियों को संबोधित करने का अनुरोध नहीं कर रहे हैं? राज्यों में कांग्रेस खुद उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पा रही है और आप उनकी लोकप्रियता के बारे में बात कर रहे हैं।

ठाकुर ने कहा कि गांधी को भी समझना चाहिए कि वे कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद के लिए उन्हें लोगों का सामना करना होगा क्योंकि यह ‘आरक्षित’ नहीं है।

राज्य में मुद्दों के बारे में बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि भ्रष्टाचार के साथ कानून-व्यवस्था बड़ी चिंता है और राज्य के लोग कांग्रेस से तंग आ गए हैं।

उन्होंने कहा, राज्य में माफिया राज, गुंडाराज चरम पर है। वीरभद्र सिंह हर मोर्चे पर विफल रहे हैं। बेरोजगारी अभी भी एक बड़ी समस्या है। राज्य में 900,000 से अधिक युवा बेरोजगार हैं। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में जारी किए गए घोषणापत्र के मुद्दों को ही अपने ताजा घोषणापत्र में दोहराया है। देव भूमि, एक अपराध भूमि में बदल गई है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य पहले से ही 50,000 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।

ठाकुर ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो उसका ध्यान छात्रों को मुफ्त लैपटॉप व टैबलेट और 1 जीबी मुफ्त इंटरनेट डाटा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर होगा।

उन्होंने कहा, नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। राज्य में पर्यटन को एक नई दिशा देने के लिए जल, जंगल और पहाड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। बेहतर परिवहन के लिए बड़े राजमार्गों की आवश्यकता है। सेब उद्योग को ई-मंडी से जोड़ा जाएगा। राज्य की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।

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मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन, दिल्ली एम्स में ली अंतिम सांस

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नई दिल्ली। मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन हो गया है। दिल्ली के एम्स में आज उन्होंने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहीं थी। एम्स में उन्हें भर्ती करवाया गया था। शारदा सिन्हा को बिहार की स्वर कोकिला कहा जाता था।

गायिका शारदा सिन्हा को साल 2018 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर, 1952 को सुपौल जिले के एक गांव हुलसा में हुआ था। बेमिसाल शख्सियत शारदा सिन्हा को बिहार कोकिला के अलावा भोजपुरी कोकिला, भिखारी ठाकुर सम्मान, बिहार रत्न, मिथिलि विभूति सहित कई सम्मान मिले हैं। शारदा सिन्हा ने भोजपुरी, मगही और मैथिली भाषाओं में विवाह और छठ के गीत गाए हैं जो लोगों के बीच काफी प्रचलित हुए।

शारदा सिन्हा पिछले कुछ दिनों से एम्स में भर्ती थीं। सोमवार की शाम को शारदा सिन्हा को प्राइवेट वार्ड से आईसीयू में अगला शिफ्ट किया गया था। इसके बाद जब उनकी हालत बिगड़ी लेख उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। शारदा सिन्हा का ऑक्सीजन लेवल गिर गया था और फिर उनकी हालत हो गई थी। शारदा सिन्हा मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन स्थिति में थीं।

 

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