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उत्तर प्रदेश

प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से साकार हो रहा दिव्य, भव्य व डिजिटल महाकुम्भ का सपनाः योगी आदित्यनाथ

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महाकुम्भनगर। ठीक एक महीने बाद विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक, धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजन, मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत तथा सनातन के महापर्व महाकुम्भ-2025 का शुभारंभ होने जा रहा है। ऐसे में, शुक्रवार को सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज आगमन तथा उनके द्वारा 5500 करोड़ की 167 परियोजनाओं के लोकार्पण के प्रति आभार जताते हुए प्रयागराज, प्रदेश व महाकुम्भ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की ओर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आगमन मां गंगा-यमुना व सरस्वती की त्रिवेणी में पूजा-अनुष्ठान के साथ ही प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुम्भ-2025 की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों, देश व दुनिया के अंदर भारत के प्रति अनुराग रखने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्व रखता है।

सीएम योगी ने कहा कि हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से होने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से कुम्भ 2019 का सफल आयोजन हुआ था और अब महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन के लिए मिल रहे मार्गदर्शन के लिए हम सभी उनके प्रति कृतज्ञ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विजन की प्रशंसा करते हुए उनके नेतृत्व में किए गए प्रयास और सनातन धर्मावलंबियों के हितों की रक्षा के साथ ही कुम्भ को लेकर स्थापित किए गए उच्च प्रतिमानों की पूर्ति को लेकर आभार जताया।

2019 ने सिखाया कुम्भ का आयोजन कैसे होना चाहिए

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार 2019 के प्रयागराज कुम्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा, मार्गदर्शन व आदेश पर सैंकड़ों वर्षों के बाद श्रद्धालुओं को अक्षय वट के दर्शन हुए थे। इस बार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में अक्षयवट कॉरिडोर का भी उद्घाटन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़े हनुमान जी जिनका अभिषेक करने के लिए मां गंगा प्रतिवर्ष आती हैं, उस बड़े हनुमान मंदिर के कॉरीडोर का लोकार्पण भी आज प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों द्वारा होने जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि सरस्वती कूप, जिसमें अदृष्य रूप में मां सरस्वती वास करती हैं और संगम पर गंगा-यमुना के साथ ही उनका संगम होता है, पहली बार 2019 के कुम्भ में ही श्रद्धालुओं को इस प्रवित्र सरस्वती कूप के दर्शन सुलभ हुए थे। सरस्वती कूप का यही भव्य रूप अब सरस्वती कॉरीडोर के रूप में लोकार्पण के जरिए सबके समक्ष होगा, सर्व सुलभ होगा। भगवान राम जब वनवास के लिए निकले थे तो सबसे पहले उन्होंने मैत्री का हाथ श्रृंगवेरपुर में निषादराज के समक्ष बढ़ाया था। सीएम योगी ने कहा, प्रधानमंत्री की प्रेरणा से यहां भगवान राम और निषादराज की 56 फुट ऊंची प्रतिमा व कॉरीडोर का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा होने जा रहा है।

सीएम योगी बोले, प्रभु श्रीराम के संकल्प की पावन धरती नए स्वरूप में है सबके सामने

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया के सबसे पहले गुरुकुलों में सम्मिलित तथा जिस आश्रम में रहकर भगवान राम ने आशीर्वाद प्राप्त करके ‘निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ प्रन कीन्ह’ यानी भूमि को राक्षसहीन करने का संकल्प लिया था, ऐसे महर्षि भारद्वाज के आश्रम के कॉरीडोर का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जा रहा है। कुम्भ कैसे होना चाहिए, कुम्भ भव्य भी हो, दिव्य भी हो, स्वच्छ भी हो, सुरक्षित भी हो, सुव्यवस्थित भी हो यह परिकल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने 2019 कुम्भ में दी। इस बार महाकुम्भ भव्य-दिव्य व डिजिटल महाकुम्भ के रूप में कैसे होना है यह भी प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से साकार हो रहा है।

महाकुम्भनगर का सपना हो रहा साकार

सीएम योगी के अनुसार, प्रयागराज शहर, आसपास के जनपदों और दुनिया के सबसे बड़े अस्थायी शहर के तौर पर साकार हो रहा महाकुम्भनगर भी उनकी ही प्रेरणा का द्योतक है। प्रयागराज महाकुम्भ 2025 के शुभारंभ की दृष्टि से हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश वासियों की ओर से, उस हर श्रद्धालु की ओर से जो प्रयागराज आकर अभिभूत होता है, ऐसे प्रत्येक श्रद्धालुजन की ओर से आभार व्यक्त करता हूं। सीएम योगी ने इस संपूर्ण कार्यक्रम को सफलता की ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए तथा प्रयागराज महाकुम्भ में स्वयंसेवक के तौर पर कार्य करने वाली टीम समेत समूचे प्रयागराज व उत्तर प्रदेश की जनता का आह्वान करते हुए एक महीने उपरांत शुरू हो रहे महाकुम्भ की सफलता को लेकर दृढ़ विश्वास जताया।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, खादी व ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, मत्स्यपालन मंत्री संजय निषाद, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह व अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन की वृद्धि

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लखनऊ |  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले साढ़े सात वर्ष से चल रहा ‘पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान’ रंग ले आया। 2024 में 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण करने वाले उत्तर प्रदेश में आईएसएफआर 2023 के अनुसार 559 वर्ग किमी. वन व वृक्ष आच्छादन से अधिक की वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश से आगे केवल छत्तीसगढ़ है, जबकि अन्य सभी राज्य उत्तर प्रदेश से पीछे हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के नेतृत्व में आए इस सकारात्मक पहल की बधाई दी। वहीं केंद्रीय वन-पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश को शुभकामना दी।

देहरादून में भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई

🌳भारत का वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है। इसमें 7,15,343 वर्ग किमी (21.76%) वन आवरण और 1,12,014 वर्ग किमी (3.41%) वृक्ष आवरण है।

🌳2021 के आकार-फ़ाइल आधारित मूल्यांकन की तुलना में वन एवं वृक्ष आवरण में 1,445 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जिसमें वन आवरण में 156 वर्ग किमी और वृक्ष आवरण में 1289 वर्ग किमी की वृद्धि शामिल है।

🌳वन एवं वृक्ष आवरण में अधिकतम वृद्धि दिखाने वाले शीर्ष चार राज्यों में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। छत्तीसगढ़ (684 वर्ग किमी) के साथ शीर्ष पर है। ओडिशा का क्षेत्रफल (558.57 वर्ग किमी), राजस्थान (394 वर्ग किमी) व झारखंड (286.96 वर्ग किमी.) है।

इनसेट
इन राज्यों में हुई वृद्धि
राज्य एरिया
छत्तीसगढ़ 683.62 वर्ग किमी.
उत्तर प्रदेश 559.19 वर्ग किमी.
ओडिशा 558.57 वर्ग किमी.
राजस्थान 394.46 वर्ग किमी.
झारखंड 286.96 वर्ग किमी.

‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है नया उत्तर प्रदेश:सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नया उत्तर प्रदेश ‘हरित उत्तर प्रदेश’ बनने की दिशा में तीव्रता से गतिमान है। आईएसएफआर 2023 के अनुसार उत्तर प्रदेश में हुई 559 वर्ग कि.मी. की वन और वृक्ष आच्छादन की ऐतिहासिक वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ और भारतीय दर्शन ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ भाव से उत्तर प्रदेश वासियों के जुड़ाव का प्रतिफल है।

मानवता के कल्याण को समर्पित इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पौधरोपण अभियान से जुड़े सभी लोगों, प्रकृति प्रेमियों एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!

यूपी में लगाए गए 36.80 करोड़ से अधिक पौधे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक दिन (20 जुलाई) को 36.51 करोड़ पौधरोपण कर इतिहास रचने वाले उत्तर प्रदेश ने 30 सितंबर तक 36.80 करोड़ से अधिक पौधरोपण किए। साढ़े सात वर्ष में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 210 करोड़ पौधरोपण किये गए।

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2023 में प्रकाशित रिपोर्ट के परीक्षण करने पर उत्तर प्रदेश में वनावरण की स्थिति…

वनावरण

1. अति सघन वन 2,688.73 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 4,001.41 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8.355.66 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 15045.80 वर्ग कि०मी० (6.24%)
वृक्षावरण 8950.92 वर्ग कि0मी (3.72%)
कुल वनावरण व वृक्षावरण 23996.72 वर्ग कि0मी0 (9.96%)

भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून द्वारा वर्ष 2021 (यथा संशोधित) में प्रकाशित रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से सम्बन्धित आंकड़े…
वनावरण

1. अति सघन वन 2655.29 वर्ग कि०मी०
2. मध्यम सघन वन 3995.53 वर्ग कि०मी०
3. खुला वन 8276.55 वर्ग कि०मी०
4. कुल योग 14927.37 वर्ग कि०मी० (6.20%)
5-वृक्षावरण 8510.16 वर्ग कि0मी0 (3.53%)
6-कुल वनावरण व वृक्षावरण 23437.53 वर्ग कि0मी0.( 9.73%)

सर्वाधिक वृद्धि वाले उत्तर प्रदेश के पांच जनपद

1- झांसी – 8597 एकड़
2- अमरोहा – 7769 एकड़
3- इटावा – 7127 एकड़
4- कानपुर नगर – 6249 एकड़
5- बिजनौर – 3343 एकड

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