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खेल-कूद

‘भारतीय फुटबाल टीम को भारतीय कोच की जरूरत’

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कोलकाता। भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व कप्तान और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित सैयद नईमुद्दीन का मानना है कि विदेशी कोच की बजाय भारतीय कोच बेहतर तरीके से टीम को सफलता की ऊचांइयों पर ले जाने में मददगार हो सकते हैं।

नईमुद्दीन ने कहा कि विदेशी कोच करोड़ों रुपए की राशि वेतन में लेते हैं और उसके बावजूद वैसा परिणाम नहीं दे पाते। नईमुद्दीन ने कहा, “सबसे बड़ी परेशानी यह है कि आप एक ओर विदेशी कोचों को अधिकारियों का अपमान करते और वेतन के रूप में मोटी रकम वसूलते देखते हैं, तो दूसरी ओर भारत के पूर्व कोच अमल दत्ता को फुटपाथ पर चात पीते देखेंगे।” भारत के वर्तमान कोच स्टीफन कोंस्टेनटाइन के मार्गदर्शन में विश्व कप क्वालीफायर में भारतीय टीम ओमान, तुर्कमेनिस्तान, गुआम और ईरान के खिलाफ मैच हार चुकी है। इन हारों के कारण टीम को प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों से काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन पर नईमुद्दीन ने कहा, “हमारी टीम लगातार हार रही है, इसके बावजूद भी हमारा विदेशी कोचों पर विश्वास बना हुआ है। भारत की कुल आबादी को अगर कोलकाता की आबादी मान ली जाए तो गुआम कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके जितना ही बड़ा होगा। इसके बावजूद हम हार गए। यह शर्म की बात है। भारतीय कोच ज्यादा बेहतर परिणाम दे सकते हैं।”

नईमुद्दीन ने कहा कि विदेशी कोचों से भारतीय कोच की तुलना करें तो भारतीय कोच बिना वेतन के बारे में ज्यादा सोचे हमेशा अपनी सर्वश्रेष्ठ सेवा देते हैं। अर्जुन पुरस्कार विजेता नईमुद्दीन ने कहा, “हम प्रशिक्षकों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेज रहे हैं, लेकिन परिणाम क्या मिल रहा है? मुख्य बात यह है कि भारत हार रहा है, न कि आप और मैं।”

नईमुद्दीन 1986, 1997 से 1998 और 2005 से 2006 के बीच तीन बार भारतीय टीम के कोच रह चुके हैं। वह 2007 में बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम के भी कोच रहे। विश्व कप क्वालीफाइयर मुकाबलों में भारतीय टीम द्वारा किए गए कुल पांच गोलों में से चार गोल अकेले करने वाले स्ट्राइकर सुनील छेत्री का सराहना करते हुए नईमुद्दीन ने कहा कि छेत्री को अन्य फॉरवर्ड खिलाड़ियों से उचित सहयोग नहीं मिला। उनका कहना है कि जब तक अन्य फारवर्ड खिलाड़ियों को स्थानीय लीगों में अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक राष्ट्र को फायदा नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “आई-लीग और अन्य सभी टूर्नामेंटों में भारतीय स्ट्राइकरों की जगह विदेशियों को आगे रखा जाता है। आपको विदेशी स्ट्राइकरों के बजाय भारतीय स्ट्राइकरों को कमान देनी होगी और इसी से उनमें सुधार हो सकता है।” नईमुद्दीन ने कहा, “हमें इतिहास से सीखना चाहिए। गौतम सरकार जैसे खिलाड़ियों के बारे में न सोचकर हम पेले के बारे में सोचते हैं। भारतीय फुटबाल खिलाड़ियों द्वारा किए गए काम को हम क्यों नहीं सराहते?”

ऑफ़बीट

आ गई आईपीएल की डेट, 14 मार्च को पहला मैच, जानें कब खेला जाएगा फाइनल

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नई दिल्ली। आईपीएल का अगला सीजन 14 मार्च से शुरू होगा और इसका फाइनल 25 मई को खेला जाएगा। IPL ने इसकी जानकारी टीमों को गुरुवार को भेजे ईमेल में दी है। क्रिकइंफो के मुताबिक, IPL ने सभी टीमों को अगले तीन सीजन का ड्राफ्ट शेड्यूल भेजा है, लेकिन संभावना है कि ये अंतिम तारीखें होंगी।

2025 के सीज़न में पिछले तीन सीज़न की तरह ही 74 मैच खेले जाएंगे। हालांकि 2022 में आईपीएल द्वारा 2023-27 के चक्र के लिए बेचे गए मीडिया राइट्स में 84 मैच खेले जाने का ज़िक्र था।

आईपीएल ऑक्शन पर सभी की निगाहें

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेटिंग लीग आईपीएल का फैंस का हमेशा बेसब्री से इंतजार रहता है। आईपीएल दुनिया भर के क्रिकेटरों को एक शानदार मंच देता है। यहां खेलने वाले खिलाड़ियों को पैसा और शोहरत दोनों चीजें मिलती हैं। आईपीएल रिटेंशन के बाद अब फैंस की निगाहें मेगा ऑक्शन पर टिकी हुई हैं। इस ऑक्शन में कई फ्रेंचाइजी पूरी तरह से नया स्क्वाड बनाएंगी और कई प्लेयर्स के सबसे महंगे भी खरीदे जाने की उम्मीद है।

इस बार की मेगा ऑक्शन में 574 खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर होगा, जिसमें 366 भारतीय जबकि 208 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। कुल 330 अनकैप्ड खिलाड़ी इस नीलामी का हिस्सा होंगे, जिसमें 318 भारतीय और 12 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। 10 टीमों में 204 खिलाड़ियों के लिए स्लॉट खाली हैं, जिसमें 70 विदेशी खिलाड़ी जगह बना सकते हैं। बड़ी नीलामी 24 नवंबर को भारतीय समयानुसार दोपहर 3.30 बजे शुरू होगी।

 

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